कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने इस बार सियासी तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ स्पष्ट बहुमत हासिल किया, बल्कि 200 के पार जाकर ‘डबल सेंचुरी’ भी दर्ज कर ली। लंबे समय से सत्ता में काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बार बड़ा झटका खाते हुए तीन अंकों तक भी नहीं पहुंच सकी।
बीजेपी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार 293 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं TMC महज 80 सीटों तक सिमट गई। कांग्रेस को 2 सीटें मिलीं, जबकि आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) भी 2 सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही। CPI(M) और AISF को एक-एक सीट मिली है। फाल्टा सीट पर पुनर्मतदान 21 मई को होना है, जिसके नतीजे 24 मई को घोषित किए जाएंगे।
बड़े नेताओं का जोरदार प्रचार
बीजेपी की इस प्रचंड जीत के पीछे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आक्रामक चुनाव प्रचार एक बड़ा कारण माना जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कई बड़ी रैलियों के जरिए माहौल बनाया, जबकि गृह मंत्री Amit Shah ने भी लंबे समय तक राज्य में डेरा डालकर संगठन को मजबूती दी।
योगी आदित्यनाथ का ‘स्ट्राइक रेट’ चर्चा में
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का चुनावी अभियान भी खासा चर्चा में रहा। उन्होंने राज्य की 22 विधानसभा सीटों पर प्रचार किया, जिनमें से 18 सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों को जीत मिली। इस लिहाज से उनका ‘स्ट्राइक रेट’ काफी प्रभावशाली माना जा रहा है।
योगी ने सोनामुखी, नंदकुमार, कांथी दक्षिण, बाराबनी, रामपुरहाट, बोलपुर, माथाभांगा, धुपगुड़ी, पिंगला, जॉयपुर, गारबेटा, जोरासांको, चकदहा, उदयनारायणपुर, नबद्वीप, कटवा, बागदा और राजारहाट गोपालपुर सहित कई इलाकों में रैलियां कीं। इसके अलावा बांकुडा, कल्याणी और दमदम में रोड शो के जरिए भी उन्होंने मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश की।
हालांकि जिन सीटों पर योगी ने प्रचार किया, उनमें से कुछ जगहों पर बीजेपी को हार का सामना भी करना पड़ा। धानेखली, उदयनारायणपुर और बोलपुर सीटों पर TMC उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। धानेखली से असिमा पात्रा, बोलपुर से चंद्रनाथ सिन्हा और उदयनारायणपुर से समीर कुमार पांजा ने अपने-अपने क्षेत्रों में बढ़त बनाए रखी।
चुनाव प्रचार के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था, राजनीतिक हिंसा, घुसपैठ और ‘योगी मॉडल’ जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। उनके कई बयान चुनावी माहौल में चर्चा का केंद्र बने। “एबार खेला शेष होबे” जैसे नारे के साथ उन्होंने सत्ता परिवर्तन का दावा किया, जो अब नतीजों में भी दिखता नजर आ रहा है।
इन नतीजों के साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बीजेपी की यह जीत न सिर्फ संगठनात्मक मजबूती को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि राज्य में मतदाताओं ने इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान किया है। वहीं TMC के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का बड़ा मौका माना जा रहा है।