बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले बलरामपुर में भारत और नेपाल दोनों देशों के पहचान संबंधी दस्तावेज रखने और कथित रूप से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के आरोप में 27 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई जिलाधिकारी की शिकायत और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के अनुसार, जांच में सामने आया कि नेपाल के डांग जिले के कोईलाबास क्षेत्र के कुछ लोगों ने खुद को बलरामपुर के बालापुर, तुलसीपुर और शीतलापुर रिजवान गली का निवासी दर्शाकर आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य भारतीय दस्तावेज बनवा लिए। आरोप है कि इन दस्तावेजों के जरिए उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त किया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनके नाम भारत और नेपाल दोनों देशों की मतदाता सूची में दर्ज हैं। इससे पहचान संबंधी अनियमितताओं और दस्तावेजों के कथित दुरुपयोग का मामला और गंभीर हो गया है।
एसपी ने बताया कि सत्यापन के दौरान सूची में शामिल अब्दुल रहमान पुत्र कल्लू का नाम बलरामपुर के बालापुर का निवासी दिखाया गया, जबकि वह वहां रहता ही नहीं है। वहीं, अब्दुल अजीज सिद्दीकी की कुछ महीने पहले मृत्यु हो चुकी है, इसके बावजूद उनका नाम कई सरकारी अभिलेखों में दर्ज मिला।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में भारतीय दस्तावेजों का कथित दुरुपयोग, सरकारी रिकॉर्ड में गलत जानकारी दर्ज कराने और पहचान छिपाने के संकेत मिले हैं। जरवा थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। एसपी विकास कुमार ने बताया कि सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है और संबंधित विभागों के रिकॉर्ड का मिलान कराया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।