जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार को भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच मालवीय नगर स्थित नूरानी मस्जिद को ढहा दिया गया। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत जयपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) ने कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया था। करीब 3000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए, जबकि एहतियातन 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं।
बताया जा रहा है कि नूरानी मस्जिद करीब 45 साल पुरानी थी और इसका निर्माण वर्ष 1981 में हुआ था। मस्जिद कमेटी का दावा था कि यह जमीन विधिवत खरीदी गई थी और यहां नियमित तौर पर नमाज अदा की जाती थी। हालांकि JDA ने इसे सड़क चौड़ीकरण में बाधा बताते हुए अवैध निर्माण की श्रेणी में रखा था।
भारी सुरक्षा के बीच हुई कार्रवाई
सुबह से ही इलाके में पुलिस और प्रशासन की टीमें तैनात रहीं। कार्रवाई शुरू होने से पहले पूरे क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया गया। किसी भी तरह के विरोध या तनाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के इलाकों में आवाजाही पर भी नजर रखी। प्रशासन के मुताबिक, जिस जगह मस्जिद बनी हुई थी वहां सड़क चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित है। इसी परियोजना के तहत पहले भी आसपास की कई निर्माणाधीन और पक्की संपत्तियों को हटाया जा चुका है।
मस्जिद के साथ अन्य धार्मिक ढांचे भी हटाए गए
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल नूरानी मस्जिद ही नहीं, बल्कि एक मजार, दो छोटे मंदिर और एक सत्संग भवन पर भी कार्रवाई की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सभी निर्माण सड़क विस्तार परियोजना की जद में आ रहे थे। मस्जिद कमेटी का कहना है कि उन्हें कार्रवाई के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। कमेटी के सदस्यों ने दावा किया कि मस्जिद दशकों पुरानी थी और इलाके के सैकड़ों लोग यहां नमाज पढ़ने आते थे। वहीं JDA अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित पक्षों को पहले ही नोटिस जारी किए गए थे और वैकल्पिक जमीन देने का प्रस्ताव भी रखा गया था।
इंटरनेट बंद, प्रशासन अलर्ट
कार्रवाई के दौरान माहौल शांत बनाए रखने के लिए प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रखीं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।