गंगा नदी के बीच नाव पर शराब पीने और मांसाहारी भोजन करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों को अदालत से जमानत मिल गई है। न्यायालय के आदेश के बाद मंगलवार को सभी आरोपियों को रिहा कर दिया गया।बचाव पक्ष के अधिवक्ता विकास सिंह ने बताया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट एवं सहायक पुलिस आयुक्त की अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 20-20 हजार रुपये की दो जमानतें और व्यक्तिगत मुचलका दाखिल करने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। जमानत पाने वाले आरोपियों की पहचान रामनगर क्षेत्र के सूजाबाद पड़ाव निवासी दीपक कुमार, नाविक अजय साहनी, डोमरी निवासी अरुण कुमार साहनी, अनुराग निषाद और सूजाबाद बंधा रोड निवासी राहुल सहनी के रूप में हुई है।
यह मामला सोमवार शाम उस समय सुर्खियों में आया था, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में गंगा नदी के बीच नाव पर कुछ लोग बीयर पीते और मांसाहारी भोजन करते दिखाई दे रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। साथ ही संबंधित नाव को भी जब्त कर लिया गया था। दशाश्वमेध क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अतुल अंजन त्रिपाठी के अनुसार, सभी आरोपियों को 23 जून को गिरफ्तार किया गया था। उनकी उम्र 25 से 32 वर्ष के बीच बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
गौरतलब है कि इसी वर्ष मार्च में भी गंगा नदी में नाव पर बिरयानी खाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। 16 मार्च को सामने आए उस मामले में कोतवाली पुलिस ने 14 युवकों को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। गंगा नदी की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए ऐसे मामलों पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई थी। लोगों ने पवित्र गंगा और काशी की धार्मिक गरिमा से जुड़े मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की थी।