NEET पेपर लीक विवाद के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में पंजाब में एक भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ और सभी सरकारी नौकरियां पूरी पारदर्शिता के साथ मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री का यह बयान 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों की भर्ती परीक्षा में कथित नकल रैकेट सामने आने के बाद भाजपा की ओर से लगाए गए आरोपों के जवाब में आया। उन्होंने कहा कि जैसे ही परीक्षा में गड़बड़ी की जानकारी मिली, सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
NEET सफल छात्रों को किया सम्मानित
भगवंत मान रविवार को जीरकपुर में आयोजित एक राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने NEET-2026 में सफलता हासिल करने वाले सरकारी स्कूलों के 882 विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस दौरान विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों और शिक्षकों को भी सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के छात्रों की यह सफलता राज्य सरकार की शिक्षा सुधार नीतियों, निशुल्क कोचिंग, मेंटरशिप और पारदर्शी व्यवस्था का परिणाम है। उनके मुताबिक, इन प्रयासों की बदौलत सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
पेपर लीक पर जताई चिंता
भगवंत मान ने देशभर में बार-बार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तत्काल सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।