बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रांगण में गुरुवार को चार दिवसीय बिहार महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान बिहार की कला, संस्कृति, व्यंजन और विरासत को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए श्री श्री रविशंकर का आभार जताया। वहीं, श्री श्री रविशंकर ने बिहार महोत्सव को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम बताया।
जन्मभूमि के विकास में योगदान की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने सदियों से देश और दुनिया को ज्ञान, दर्शन, करुणा और अहिंसा का संदेश दिया है। भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों से बिहार की गौरवशाली विरासत जुड़ी है। उन्होंने बेंगलुरु समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले बिहारियों से अपील की कि वे अपनी कर्मभूमि में आगे बढ़ने के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि बिहार के विकास में भी योगदान दें। उन्होंने कहा कि बिहार के समृद्ध होने से विकसित भारत के संकल्प को मजबूती मिलेगी।
2028 तक मां सीता का भव्य मंदिर बनाने का दावा
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान बेहद समृद्ध है। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2028 तक बिहार में मां सीता का भव्य मंदिर स्थापित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग और श्री श्री रविशंकर के योगदान की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्था ने लंबे समय से लोगों को तनावमुक्त और बेहतर जीवन जीने की दिशा में काम किया है।
बिहार के बजट और सिंचाई क्षेत्र में बदलाव का जिक्र
मुख्यमंत्री ने बिहार की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 27 साल पहले राज्य का बजट लगभग 6 हजार करोड़ रुपये था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। सिंचाई क्षेत्र में बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले करीब 21 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब बढ़कर लगभग 44 लाख हेक्टेयर हो गई है। सरकार का लक्ष्य 2030 से पहले 70 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का है।
AI से सुशासन को मजबूत करने पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। जिस तरह कंप्यूटर, इंटरनेट और सोशल मीडिया ने दुनिया को बदला, उसी तरह AI आने वाले समय में शासन और जनसेवा को और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बिहार में भी AI आधारित व्यवस्थाओं के जरिए सुशासन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए बनाई गई व्यवस्था का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, निर्धारित समय में शिकायतों का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।
बिहार की संस्कृति और कला की दिखी झलक
बिहार महोत्सव के दौरान मधुबनी पेंटिंग, पारंपरिक व्यंजन और बिहार की संस्कृति से जुड़े विभिन्न स्टॉल लगाए गए। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का अवलोकन किया। इससे पहले उन्होंने आश्रम के गुरुकुल और गौशाला का भ्रमण किया तथा गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने पाग और अंगवस्त्र भेंट कर श्री श्री रविशंकर का स्वागत किया। वहीं, श्री श्री रविशंकर ने भी मुख्यमंत्री का अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया। श्री श्री रविशंकर ने मधुबनी कला और बिहार की सांस्कृतिक विविधता की सराहना करते हुए कहा कि महोत्सव के माध्यम से देश की विविधता को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन राष्ट्रीय एकता और देशवासियों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव की भावना को मजबूत करते हैं।