पटना, 01 नवम्बर 2026 : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज कॉम्फेड, पटना में Integrated Command and Control Centre (ICCC) का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने Direct Account Transfer के अंतर्गत 5832 दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों (DCS) के माध्यम से 1,06,063 लाभार्थियों के बैंक खातों में 68,51,27,060 (68.51 करोड़ रूपये) रूपये की राशि का प्रत्यक्ष अंतरण किया तथा नव-निर्मित कॉल सेंटर (सुधा सम्पर्क) का उद्घाटन किया। यह भुगतान 1,46,66,061 लीटर दूध की आपूर्ति के एवज में किया गया है। पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है।
कार्यक्रम के दौरान डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव श्री शीर्षत कपिल अशोक ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से कॉम्फेड के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये बताया कि सुधा का विस्तार बिहार से बाहर भी किया जा रहा है। असम के तेजपुर में 20 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की इकाई शुरू हो चुकी है। असम में 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की एक और इकाई स्थापित करने तथा कोलकाता में भी 10 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की इकाई स्थापित करने की योजना है। राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादक सहयोग समिति गठित करने का लक्ष्य है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच 4,804 नई समितियों का गठन किया गया है और राज्य में कुल 33,897 समितियां सक्रिय हैं। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 23.90 लाख किलोग्राम दूध का संग्रहण हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर प्रतिदिन 50 लाख लीटर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। दुग्ध संग्रहण एवं परिवहन व्यवस्था की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। पशुपालकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 18003456199 पर ‘सुधा संपर्क’ कॉल सेंटर भी संचालित है। 3,200 ‘सुधा सखी’ तैयार करने का लक्ष्य है। जीविका के सहयोग से 31 मार्च 2027 तक राज्य की सभी 8,053 पंचायतों में ‘जीविका-सुधा बिक्री केंद्र’ स्थापित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त महिलाओं को पशु औषधि बिक्री केंद्रों के संचालन के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य में पशुओं की नस्ल सुधार, बेहतर पोषण और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत सेक्स-सॉर्टेड सीमेन के उपयोग, डुमराँव में बछिया पालन केंद्र, मुंगेर में सीमन स्टेशन तथा 12 टोटल मिक्स्ड राशन (TMR) संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में कृषि एवं पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने, उन्हें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों को बेहतर बाजार देने के लिए प्रतिबद्ध है। बिहार के दूध, तरकारी एवं मछली को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय बजार तक पहुँचाना है। दुग्ध उत्पादकों को बिचौलियों से मुक्त कर पारदर्शी तरीके से सीधे बैंक खाते में भुगतान सुनिश्चित करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दुग्ध उत्पादकों के हित में डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को यूनिक फार्मर आई०डी० उपलब्ध करायें, जिसके माध्यम से दूध की गुणवत्ता, फैट एवं एस०एन०एफ० की मात्रा और भुगतान की डिजिटल निगरानी संभव होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की पहचान बन चुका ‘सुधा’ ब्रांड अब राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान स्थापित करेगा। सरकार का लक्ष्य सुधा को एक अंतर्राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में विकसित करना है। इसके लिए दुग्ध प्रसंस्करण, उत्पादों की गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और विपणन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण पर जोर देते हुए कहा कि पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने गेट नं0-02, जैविक उद्यान, पटना में सुधा कैफ्टेरिया एवं तरकारी दुकान का उद्घाटन किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने मीठापुर, मीन भवन अवस्थित Fresh Catch Kiosk एवं सुधा पार्लर का उद्घाटन किया तथा निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उपलब्ध ताजा मछिलयों की प्रजातियों को भी देखा। मुख्यमंत्री ने बक्सर से सिलीगुड़ी के लिए Fresh Catch वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मत्स्य क्षेत्र के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में 100 ‘फ्रेश कैच कियोस्क’ स्थापित किए जाएंगे। इसके माध्यम से बिहार की ताजी मछलियों को ‘Fresh Catch (Fish of Bihar)’ ब्रांड के तहत बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मत्स्यपालकों की आय बढ़ाने के साथ उपभोक्ताओं को भी गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल
सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि गांव, किसान, पशुपालक, महिलाएं और युवा सभी बिहार की विकास यात्रा के भागीदार बनें। दुग्ध उत्पादन, मत्स्यपालन, सहकारिता और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर बिहार को आर्थिक रूप से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनना है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री श्री नन्द किशोर राम, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव श्री धर्मेन्द्र सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव श्री शीर्षत कपिल अशोक, जिलाधिकारी श्री कुंदन कुमार, निदेशक मत्स्य निदेशालय श्री तुषार सिंगला, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय के० शर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति जुड़े हुये थे।
















