अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के प्रशासन और प्रबंधन को अधिक पेशेवर एवं सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद सृजित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सोमवार को हुई ट्रस्ट की बैठक में CEO के चयन के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया। इस समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कोहली, पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे को शामिल किया गया है। समिति CEO पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवारों के नाम ट्रस्ट को सुझाएगी।
बैठक में एक अन्य बड़े फैसले के तहत ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफे भी स्वीकार कर लिए गए। उनके स्थान पर वरिष्ठ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पदाधिकारी और सेवानिवृत्त भारतीय वन सेवा (IFoS) अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है।
ट्रस्ट का कहना है कि राम मंदिर में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और मंदिर परिसर के विस्तार को देखते हुए अब एक पेशेवर प्रशासनिक ढांचे की आवश्यकता महसूस की गई है। प्रस्तावित CEO मंदिर परिसर के दैनिक संचालन, प्रशासन, सुरक्षा, व्यवस्थाओं और समग्र प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालेंगे।
गौरतलब है कि यह बैठक मंदिर में दान राशि में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद आयोजित पहली बैठक थी। ट्रस्ट के गठन (2020) के बाद इसे अब तक का सबसे बड़ा संगठनात्मक बदलाव माना जा रहा है। इस मामले में दर्ज एफआईआर के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा ने 25 जून को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच जारी है।