उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए 200 से अधिक पुलिस उपाधीक्षकों (डिप्टी एसपी) का तबादला कर दिया है। जारी तबादला सूची के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है। इस फेरबदल को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तबादला आदेश के तहत जितेंद्र कुमार को शाहजहांपुर, अनुरुद्ध कुमार को महोबा, अभिषेक सिंह को बलरामपुर और पंकज पंत को रामपुर का पुलिस उपाधीक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं शिव ठाकुर को सहारनपुर, अमित कुमार को मिर्जापुर और पवन कुमार वर्मा को एलआईयू अयोध्या में पुलिस उपाधीक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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इसके अलावा रवि प्रकाश सिंह को फतेहपुर, रत्नेश्वर सिंह को झांसी, अभिषेक कुमार यादव को लखीमपुर खीरी, धर्मेंद्र कुमार सिंह को कानपुर देहात तथा हेमंत उपाध्याय को बरेली में पुलिस उपाधीक्षक पद पर तैनात किया गया है। तबादला सूची के अनुसार प्रवीण कुमार तिवारी को मथुरा, हर्षित चौहान को सीतापुर, रविंद्र कुमार सिंह को महराजगंज, मुनीश चंद्र को हापुड़ और रजनीश कुमार उपाध्याय को कासगंज में पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले पिछले महीने भी प्रदेश सरकार ने 44 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों (ASP) के तबादले किए थे। इनमें 33 अधिकारी ऐसे थे जिन्हें हाल ही में डिप्टी एसपी से पदोन्नत कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बनाया गया था और नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। उसी तबादला सूची में अभय मिश्रा को विजिलेंस विभाग से नोएडा भेजा गया था, जबकि स्वयं सिंह को भी पदोन्नति के बाद नोएडा में तैनाती मिली थी। तनु उपाध्याय को कानपुर स्थित पीएसी की 37वीं वाहिनी में डिप्टी कमांडेंट बनाया गया था।
वहीं चर्चित पुलिस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर को लखनऊ में एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात किया गया है। ‘लेडी सिंघम’ के नाम से पहचान बनाने वाली श्रेष्ठा ठाकुर इससे पहले बागपत में एएसपी के पद पर कार्यरत थीं। वर्ष 2017 में बुलंदशहर में सीओ रहते हुए एक राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ उनकी बहस का वीडियो वायरल होने के बाद वह सुर्खियों में आई थीं। पुलिस विभाग में हुए इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और विभिन्न जिलों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।