लखनऊ के अलीगंज स्थित मॉडर्न स्कूल में आज बच्चों की प्रतिभा, जिज्ञासा और नई सोच का अनोखा प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। मौका है स्कूल की 40वीं Annual Cognito Exhibition का, जिसकी इस साल की थीम है—“Celebrating Mistakes”, यानी गलतियों का जश्न।

दरअसल, इस पूरे event के पीछे की सोच है कि गलती को नाकामी न समझा जाए, बल्कि उससे सीखकर आगे बढ़ने का मौका माना जाए। आमतौर पर स्कूलों में बच्चों को सिखाया जाता है कि गलती मत करो, लेकिन यहाँ उल्टा सिखाया जा रहा है—गलती करो, खुलकर करो और उसी गलती से सीखो। यही इस साल की Cognito की आत्मा है।

इसी सोच के साथ बच्चों ने Science, Technology और Innovation से जुड़े कई projects तैयार किए हैं, जिन्हें exhibition में showcase किया जा रहा है। यह सिर्फ एक science exhibition नहीं है। यहाँ हर project के पीछे एक कहानी है—पहले कैसे फेल हुआ, फिर क्या सुधारा और आखिर में क्या सीखा।

बच्चों ने Science, Technology और Innovation को सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि trial-and-error के जरिए समझा है। Science में ऐसे मॉडल देखने को मिल रहे हैं, जो पहली बार में फेल हुए, दूसरी बार में उनमें सुधार किया गया और आखिर में उन्होंने बेहतर तरीके से काम किया। Technology में robotics और coding projects के जरिए बच्चों ने छोटी-छोटी गलतियों को ढूंढकर उन्हें सुधारना सीखा। वहीं Innovation में waste material से बने ऐसे ideas देखने को मिल रहे हैं, जो पहली बार में शायद बेकार लगे, लेकिन सुधार के बाद कुछ नया और उपयोगी बनकर सामने आए।

खास बात ये है कि यहां बच्चों के projects को सिर्फ प्रदर्शित नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें अपनी सोच को सामने रखने, प्रयोग करने और गलतियों से सीखने का अवसर भी दिया जा रहा है। यहाँ हर बच्चे को अपनी सोच रखने, खुलकर प्रयोग करने और ये कहने की आजादी है कि—“हाँ, मैं यहाँ गलत था।”

40वीं Cognito Exhibition में बच्चों की creativity और problem-solving skills की भी झलक देखने को मिल रही है। ‘गलतियों का जश्न’ सीखने की प्रक्रिया को एक नया आयाम दे रहा है। जब गलती पर डांट का डर नहीं होगा, तो बच्चा सवाल पूछने से भी नहीं डरेगा। यही जिज्ञासा आगे चलकर problem-solving की असली ट्रेनिंग बनती है।

असली जिंदगी में सफलता एक बार में नहीं मिलती। ऐसे में यह exhibition बच्चों को सिखा रही है कि fail होना process का हिस्सा है। परफेक्ट बनने के pressure से निकलकर बच्चे कुछ नया try करने के लिए तैयार हो रहे हैं और यही creativity को नए पंख दे रहा है।
सच में, Modern School, अलीगंज ने 40वें साल में एक नया benchmark set किया है। ये exhibition दिखाती है कि education सिर्फ सही जवाब रटना नहीं, बल्कि गलत जवाबों से सही रास्ता ढूंढना भी है। तो चलिए, आपको दिखाते हैं इस खास exhibition की तस्वीरें और जानते हैं कि ‘गलतियों का जश्न’ मनाने की ये सोच बच्चों की सीखप्रक्रिया को किस तरह एक नया आयाम दे रही है।
