हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही भारी बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। मंडी जिले के ओट क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में नालागढ़ की रहने वाली महिला की मौत हो गई। महिला अपने परिवार के साथ कार से यात्रा कर रही थी। रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर वह शनि मंदिर के पास कार से उतरकर उल्टी करने लगी, तभी पहाड़ी से अचानक बड़ा पत्थर गिरा और उसकी चपेट में आने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
प्रदेशभर में बारिश से जनजीवन प्रभावित
मंगलवार शाम से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश हो रही है। कांगड़ा जिले के नगरोटा सूरियां में सबसे अधिक 102.5 मिमी और घमरौर में 95.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। चंबा जिले में लगातार बारिश के कारण चंबा-तीसा हाईवे समेत कई सड़कें बंद हो गई हैं। लाहौल-स्पीति में बर्फ तेजी से पिघलने और नालों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चिचोंग-खोलकसा के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने से मनाली-काजा राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। वहीं जिस्पा क्षेत्र में भारी मलबा आने से मनाली-लेह और मनाली-जांस्कर मार्ग भी प्रभावित रहे। देर रात सीमा सड़क संगठन (BRO) ने पानी का स्तर घटने के बाद मार्ग बहाल कर दिया, लेकिन कई स्थानों पर आवागमन अभी भी जोखिम भरा बना हुआ है।
44 सड़कें बंद, 254 ट्रांसफॉर्मर ठप
शिमला जिले के रामपुर के गानवी क्षेत्र में तेज बारिश के कारण एक अस्थायी पुल बह गया, जिससे तीन पंचायतों का संपर्क टूट गया। राजधानी शिमला, मंडी, कुल्लू और हमीरपुर समेत कई जिलों में रुक-रुककर बारिश जारी है। बारिश के चलते पूरे प्रदेश में 44 सड़कें बंद हैं और 254 बिजली ट्रांसफॉर्मर ठप हो गए हैं। सबसे अधिक 28 सड़कें मंडी और 14 सड़कें कुल्लू जिले में अवरुद्ध हैं।
IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले छह दिनों तक हिमाचल प्रदेश में बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। बुधवार को किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू को छोड़कर बाकी सभी जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 2 से 4 जुलाई के बीच मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों तक पहुंचा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून पूरे किन्नौर जिले के अलावा कुल्लू और लाहौल-स्पीति के अधिकांश क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। शिमला, मंडी, सिरमौर और कांगड़ा के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय हो गया है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
अन्य घटनाएं
- बादल फटने के बाद रवालिंग नाले में आई बाढ़ से वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई।
- शिमला के ओल्ड बैरियर क्षेत्र में जंगल में अवैध रूप से डंप किया गया मलबा बारिश के कारण सड़क पर आ गया, जिससे मार्ग बंद हो गया।
- मेहली-सोगी रोड पर ‘हैप्पी होम’ के पास भूस्खलन होने से सड़क पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।
- सोलन के धोभीघाट रोड पर पेड़ गिरने से बिजली का खंभा और तार सड़क पर गिर गए। हालांकि समय रहते लोगों को सुरक्षित हटा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।