चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और जनता को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 की शुरुआत की है। इस अभियान का उद्घाटन आज, 2 जनवरी 2026 को चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में किया गया। कार्यक्रम में परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि सड़क हादसे केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इनमें कई परिवार अपने अपनों को खो देते हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार सड़क सुरक्षा के मामले में पूरी तरह गंभीर है और इसे एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा माह के दौरान पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार, पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिताएं, क्विज़ और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों और युवाओं को कम उम्र से ही ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जा सके।
पंजाब की रोड सेफ्टी लीड एजेंसी ने परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और शिक्षा विभाग के साथ मिलकर एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है, जिससे सड़क सुरक्षा का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। इस अवसर पर रोड सेफ्टी लीड एजेंसी के महानिदेशक आर. वेंकट रत्नम ने बताया कि हर जिला सड़क सुरक्षा समिति को ₹9.50 लाख की आर्थिक सहायता दी गई है। इनमें से ₹1 लाख नशे में वाहन चलाने वालों की जांच के लिए अल्कोहल मीटर खरीदने पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, कोहरे के मौसम को देखते हुए स्ट्रीट लाइट, रोड मार्किंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी मजबूत किए जा रहे हैं।
ट्रैफिक पुलिस के डीजीपी अमरदीप सिंह राय ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार जीरो टॉलरेंस नीति अपनाए हुए है और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई हो रही है। उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा बल (SSF) के गठन के बाद राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर प्रतिदिन लगभग 4000 किलोमीटर की निगरानी की जा रही है, जिससे इन सड़कों पर होने वाली मौतों में लगभग 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।