अयोध्या/लखनऊ। अयोध्या में जमीन खरीद-फरोख्त और राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर आरोप लगाने वाले आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह आज विशेष जांच दल (SIT) के सामने पेश होंगे। वह अपने आरोपों के समर्थन में जांच टीम को दस्तावेज और अन्य साक्ष्य सौंपेंगे।
संजय सिंह ने कहा है कि उन्हें एसआईटी प्रमुख और लखनऊ के मंडलायुक्त की ओर से बुलाया गया है। वह मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचकर चढ़ावा प्रबंधन और जमीन खरीद से जुड़े कथित घोटालों के दस्तावेज जांच अधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं जो मामले की जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
पुरानी ऑडिट रिपोर्ट से बढ़ीं ट्रस्ट की मुश्किलें
इस बीच एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद एक पुरानी ऑडिट रिपोर्ट भी चर्चा में आ गई है। सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2020 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के कुछ ही महीनों बाद एक निजी ऑडिट फर्म ने दान प्रबंधन, आभूषणों के रिकॉर्ड, वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था में कई गंभीर खामियों की ओर संकेत किया था।
रिपोर्ट में कथित तौर पर कहा गया था कि वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए जरूरी अभिलेखों का अभाव है और जवाबदेही तय करने वाली स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था मौजूद नहीं है। फर्म ने उस समय ही प्रबंधन को सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी थी।
SOP लागू करने की दी गई थी सलाह
सूत्रों के मुताबिक ऑडिट फर्म ने ट्रस्ट को चेतावनी दी थी कि बिना मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना मुश्किल होगा। रिपोर्ट में लेन-देन, डेटा प्रबंधन, मानव संसाधन और रिकॉर्ड संधारण के लिए विस्तृत SOP लागू करने की सिफारिश की गई थी।
हालांकि बताया जा रहा है कि इन सुझावों पर अपेक्षित स्तर पर अमल नहीं किया गया। अब जब एसआईटी की प्रारंभिक जांच में भी चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े सवाल उठे हैं, तो छह वर्ष पुरानी यह ऑडिट रिपोर्ट जांच एजेंसियों के लिए एक अहम दस्तावेज बन सकती है।
SIT जांच पर टिकी निगाहें
राम मंदिर चढ़ावा और जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। ऐसे में संजय सिंह द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज और पुरानी ऑडिट रिपोर्ट के निष्कर्ष जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें एसआईटी की अगली कार्रवाई और अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।