नई दिल्ली। दिल्ली में NEET पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करना राइट-विंग राजनीतिक टिप्पणीकार टीजी मोहनदास को भारी पड़ गया है। केरल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला एक वीडियो से जुड़ा है, जिसे मोहनदास के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो में छात्र आंदोलन और प्रदर्शनकारियों को लेकर ऐसी टिप्पणियां की गईं, जो सार्वजनिक शांति भंग करने और समाज में भय व अशांति फैलाने वाली हैं।
विवादित टिप्पणी पर बढ़ा विवाद
एफआईआर के अनुसार, वीडियो में मोहनदास ने दिल्ली में चल रहे छात्र प्रदर्शन को लेकर कई विवादित बयान दिए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों और महिलाओं को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिसके बाद इस पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि वीडियो में ऐसी बातें कही गईं, जो समाज में तनाव बढ़ाने और लोगों के बीच गलत संदेश फैलाने का कारण बन सकती हैं। वीडियो में टीजी मोहनदास ने कहा कि मैं जंतर-मंतर के आस-पास चार वर्ग किलोमीटर के इलाके में कर्फ्यू लगा दूंगा। मैं भीड़ से तीन बार हटने के लिए कहूंगा। फिर मैं गोली चला दूंगा। कुछ लोग मरेंगे, कुछ बचेंगे, कुछ घायल होंगे। चार घंटे में हालात काबू में आ जाएंगे। लाशों को इकट्ठा करके अस्पताल ले जाया जाएगा।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
केरल पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और केरल पुलिस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, वीडियो के संबंध में 29 जुलाई को ई-मेल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। प्रारंभिक जांच के बाद मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
वीडियो के कंटेंट की होगी जांच
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान वीडियो की सामग्री, उसके प्रसार और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की विस्तृत पड़ताल की जाएगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली छात्र आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला उस समय सामने आया है जब NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर सहित देश के कई हिस्सों में छात्र प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस देखने को मिली थी। इसी दौरान साझा किए गए एक वीडियो को लेकर अब कानूनी विवाद खड़ा हो गया है।