समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को लखनऊ में पुलिस नजरबंद नहीं कर सकी। पुलिस उन्हें नोएडा जाने से रोकने के लिए उनके आवास पर हाउस अरेस्ट करना चाहती थी, लेकिन जानकारी मिली कि वह शहर में मौजूद ही नहीं हैं। उनके लखनऊ स्थित घर के बाहर सन्नाटा पसरा रहा और पुलिस बल भी हट गया।
सूत्रों के अनुसार, माता प्रसाद पांडेय इस समय दिल्ली में हैं और दिन में वहां से नोएडा जाने की तैयारी में हैं। ऐसे में दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर उन्हें रोके जाने की संभावना जताई जा रही है। दरअसल, नोएडा के इंडस्ट्रियल बेल्ट में चल रहे मजदूरों के विरोध प्रदर्शन के बीच समाजवादी पार्टी का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को मजदूरों से मिलने पहुंचने वाला है। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व माता प्रसाद पांडेय करेंगे। यह दौरा पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर तय किया गया है।
प्रतिनिधिमंडल में राजकुमार भाटी, सुधीर भाटी, आश्रय गुप्ता, पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर, कमाल अख्तर, विधायक अतुल प्रधान, पंकज कुमार मलिक और पूर्व एमएलसी शशांक यादव शामिल हैं। वहीं, नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई बल प्रयोग नहीं किया गया। कार्रवाई केवल उन लोगों पर हुई है जो हिंसा, आगजनी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल पाए गए। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारियां उन्हीं मामलों में हुई हैं, जहां पत्थरबाजी, आगजनी या सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के सीधे आरोप सामने आए हैं, जबकि कुछ लोगों पर परदे के पीछे से उकसाने का आरोप भी है।