झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। शनिवार को झारखंड सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच दूसरे दौर की वार्ता हुई। करीब एक घंटे चली बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन छात्रों की मांगों पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन सकी। वार्ता के बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। वहीं, सरकार की ओर से बातचीत में शामिल मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार सभी संबंधित छात्र संगठनों और हितधारकों से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
चार मंत्रियों ने की छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत
सरकार की ओर से चार मंत्रियों ने छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। वहीं, ‘JPSC-JSSC अभ्यर्थी न्याय मंच’ की ओर से आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता में शामिल हुआ। बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार अलग-अलग छात्र संगठनों से मुलाकात कर उनकी मांगों और सुझावों को समझ रही है। उन्होंने कहा कि शनिवार को NSUI, JCM और ACS समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों से भी चर्चा हुई। मंत्री के मुताबिक, छात्रों की कई मांगें उचित प्रतीत होती हैं और उन्हें मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा।
14वीं JPSC रद्द करने समेत कई मांगें
वार्ता में शामिल रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा ने सरकार की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मांगों का एक पत्र तैयार किया गया है, जिसे सरकार को सौंपा गया है। छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा को तत्काल रद्द करना, संदिग्ध परीक्षाओं की CID-SIT से जांच कराना और जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना शामिल है। इसके अलावा परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी करने की मांग भी की गई है।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
छात्रों ने कहा कि सरकार के साथ बातचीत सकारात्मक रही, लेकिन अभी तक किसी मांग पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले छह दिनों से छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। धरने पर बैठे कुछ अन्य छात्रों की तबीयत भी बिगड़ने की बात सामने आई है। ऐसे में छात्रों की मांगों और सरकार के बीच जारी गतिरोध के जल्द समाधान की उम्मीद की जा रही है।