बीरभूम। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता आशीष बनर्जी की मौत की खबर से हड़कंप मच गया है। रामपुरहाट स्थित टीएमसी के पार्टी कार्यालय में उनका शव फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
74 वर्षीय आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर रह चुके थे। रामपुरहाट में उनके आवास के पास ही टीएमसी का पार्टी कार्यालय है। इसी कार्यालय में उनका शव मिलने की खबर सामने आई। घटना के बाद पार्टी कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
2001 से 2021 तक लगातार पांच बार जीते थे चुनाव
आशीष बनर्जी लंबे समय तक रामपुरहाट विधानसभा सीट से टीएमसी के विधायक रहे। उन्होंने 2001 से 2021 के बीच लगातार पांच विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी उम्मीदवार ध्रुबा साहा के हाथों करीब 24 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, आशीष बनर्जी को 87,687 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के ध्रुबा साहा को 1,11,920 वोट हासिल हुए और उन्होंने रामपुरहाट सीट पर जीत दर्ज की।
जुलाई 2021 से मई 2026 तक रहे डिप्टी स्पीकर
आशीष बनर्जी ने जुलाई 2021 से मई 2026 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा के 13वें डिप्टी स्पीकर के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। राजनीति में सक्रिय रहने के साथ ही उनका अकादमिक क्षेत्र से भी जुड़ाव रहा। रामपुरहाट में जन्मे बनर्जी ने बर्दवान यूनिवर्सिटी से पीएचडी की थी और रामपुरहाट कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में काम किया था।
पार्टी पद से दिया था इस्तीफा
आशीष बनर्जी ने जून 2026 में तृणमूल कांग्रेस की बीरभूम जिला कोर कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उन्होंने उस समय साफ किया था कि वह पार्टी की प्राथमिक सदस्यता में बने रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी कार्यालय से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें क्या लिखा है और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
बीरभूम में बदले राजनीतिक समीकरण
हालिया विधानसभा चुनाव में बीरभूम जिले में बीजेपी का प्रदर्शन पहले के मुकाबले मजबूत रहा। बीजेपी ने जिले की 11 विधानसभा सीटों में से छह पर जीत दर्ज की, जबकि 2021 के चुनाव में टीएमसी ने यहां 10 सीटों पर कब्जा किया था। ऐसे में आशीष बनर्जी की मौत की खबर ने स्थानीय राजनीतिक हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है।