केंद्र सरकार ने पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने के लिए हिमाचल प्रदेश को 453.82 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता जारी की है। यह राशि राज्यों को पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना 2025-26 के तहत ऋण के रूप में प्रदान की गई है।
जारी धनराशि अलग-अलग मदों में दी गई है, जिसमें 350 करोड़ रुपये, 58.94 करोड़ रुपये और 44.88 करोड़ रुपये शामिल हैं। राज्य वित्त विभाग ने 350 करोड़ रुपये की विशेष सहायता ऋण जारी करने को मंजूरी दी है। यह राशि राज्यों में वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने और पूंजीगत परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से दी गई है।
वित्त मंत्रालय की ओर से जारी इस सहायता का उपयोग राज्य में पूंजीगत परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए किया जाएगा। केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि यह राशि 10 कार्य दिवस के भीतर संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों को जारी कर दी जाए। यदि तय समय में राशि जारी नहीं की जाती है तो राज्य सरकार को केंद्र को ब्याज देना पड़ सकता है। इसके साथ ही केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत स्वीकृत परियोजनाओं के लिए किसी अन्य केंद्रीय या राज्य योजना से दोबारा वित्तीय सहायता नहीं ली जा सकती।
निर्देशों के अनुसार पूरी धनराशि का उपयोग 31 मार्च 2026 तक करना अनिवार्य होगा। यदि राशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के अलावा किसी अन्य कार्य में किया गया तो केंद्र सरकार भविष्य में राज्य को मिलने वाले करों के हिस्से से यह रकम समायोजित कर सकती है। केंद्र सरकार ने कहा है कि योजना के सभी दिशा-निर्देशों का राज्य सरकार और उससे जुड़ी कार्यान्वयन एजेंसियों को सख्ती से पालन करना होगा।