केदारनाथ धाम के कपाट आज पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। मुख्यमंत्री धामी ने इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ भक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बद्री-केदार मंदिर समिति द्वारा तीर्थयात्रियों के लिए उत्कृष्ट व्यवस्थाएं की गई हैं और कई जत्थे पहले ही यात्रा पर निकल चुके हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखें और पूरे मार्ग को प्लास्टिक मुक्त रखने में सहयोग करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम और चारधाम यात्रा भारत की आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए बाबा केदार से सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने भी कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं को बधाई दी और भगवान भोलेनाथ से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।
इस बार प्रशासन ने मंदिर परिसर में सख्त दिशा-निर्देश लागू किए हैं। मंदिर के भीतर मोबाइल फोन के उपयोग, वीडियोग्राफी और रील बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना भी मना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मोबाइल काउंटर और लॉकर की व्यवस्था की गई है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के साथ शुरू हुई चारधाम यात्रा में इस बार रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर यात्रियों से भारी ऊनी कपड़े साथ रखने की अपील की है, क्योंकि हालिया बर्फबारी के चलते तापमान जमाव बिंदु के करीब बना हुआ है।