पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अपने हालिया बयानों को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि “90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बिस्तर से शुरू होता है।” इस बयान के बाद उनकी कड़ी आलोचना हो रही है।
इससे पहले भी उन्होंने लोकसभा में दावा किया था कि गूगल पर पोर्न देखने की सबसे ज्यादा लत नेताओं को है। इस बयान को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया गया, लेकिन पप्पू यादव अपने आरोपों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर उनके आरोप गलत हैं तो सभी नेताओं के फोन की जांच कराई जानी चाहिए। बिहार महिला आयोग द्वारा जारी नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने कहा, “मैंने सदन में भी कहा था कि 70-80% राजनेता पोर्न देखते हैं। अगर मेरे फोन में कुछ मिलता है तो मेरी भी जांच की जाए। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस भेजने वाले लोग किसके पक्ष में हैं?”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पुरुष राजनेता महिलाओं का शोषण करते हैं और बिना समझौते के महिलाओं का राजनीति में आगे बढ़ना मुश्किल होता है। यादव ने दावा किया कि देश में सैकड़ों राजनेताओं पर यौन शोषण के मामले दर्ज हैं और कई के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।
महिला आयोग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब वे पुरुष राजनेताओं के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो आयोग को आपत्ति होती है। उन्होंने यह भी पूछा कि हाल के अपराधों, जैसे पटना में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या या नालंदा की घटना, पर आयोग ने क्या कदम उठाए। पप्पू यादव ने अंत में कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर उन्होंने लगातार आवाज उठाई है और यह काम महिला आयोग को अधिक सक्रियता से करना चाहिए।