डिजिटल दौर में अपराध के तरीके भी तेजी से बदल रहे हैं। कानपुर के चकेरी इलाके में रहने वाली एक रिटायर्ड शिक्षिका एलिसन वीम्स साइबर ठगी का शिकार हो गईं। ठगों ने करीब 13 महीनों में उनसे 1 करोड़ 57 लाख 38 हजार 630 रुपये ठग लिए। इस ठगी की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक से हुई।
मामले की शुरुआत एक फ्रेंड रिक्वेस्ट से हुई, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को मार्क जुकरबर्ग बताया। शुरुआती बातचीत सामान्य रही, लेकिन जल्द ही उसने बड़े निवेश के प्रस्ताव देने शुरू कर दिए। उसने दावा किया कि कानपुर में एक बड़ा स्कूल खोलने की योजना है और इसमें निवेश करने पर भारी मुनाफा होगा। बाद में एक और व्यक्ति ने संपर्क किया, जिसने खुद को एलन मस्क का सहयोगी या गायक जॉश टर्नर बताया। इससे शिक्षिका को यह प्रोजेक्ट अंतरराष्ट्रीय और भरोसेमंद लगा।
शुरुआत में शिक्षिका ने कुछ रकम ट्रांसफर की, लेकिन जब उन्हें शक हुआ और पैसे वापस मांगे, तो ठगों ने नया जाल बिछाया। उन्होंने खुद को ‘मिरेकल गिवर्स’ और ‘लीड इंडिया’ जैसे फर्जी संगठनों के वकील अशोक सुरेश बताकर संपर्क किया। उन्होंने कहा कि पैसे वापस दिलाने के लिए टैक्स, कन्वर्जन चार्ज, स्टांप ड्यूटी और अन्य कानूनी फीस जमा करनी होगी। इस बहाने ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में बार-बार पैसे ट्रांसफर करवाए। कुल पांच खातों में यह रकम भेजी गई और धीरे-धीरे शिक्षिका की पूरी जमा-पूंजी, प्रोविडेंट फंड और जीवनभर की बचत खत्म हो गई।
जब शिक्षिका पूरी तरह ठगी का शिकार हो गईं, तब उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम सेल ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अब तक करीब 30 लाख 42 हजार रुपये फ्रीज किए जा चुके हैं।पुलिस के अनुसार, यह ठगी बेहद सुनियोजित थी। अपराधियों ने व्हाट्सएप, फोन कॉल और सोशल मीडिया के जरिए पीड़िता को भावनात्मक और आर्थिक रूप से फंसाया।
इस घटना के बाद साइबर क्राइम अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि किसी भी निवेश, पैसे वापसी या शुल्क के नाम पर रकम भेजने से पहले पूरी जांच करें, खासकर जब सामने वाला मार्क जुकरबर्ग या एलन मस्क जैसे बड़े नामों का इस्तेमाल कर रहा हो।
संदिग्ध कॉल या मैसेज मिलने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें। विशेषज्ञों का कहना है कि केवल वेरिफाइड अकाउंट्स पर भरोसा करें, फर्जी प्रोफाइल्स को रिपोर्ट करें और किसी भी लालच में आने से पहले अच्छी तरह सोच-समझ लें। जागरूकता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचने का सबसे मजबूत तरीका है।