पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र शुक्रवार को तीखे राजनीतिक माहौल के बीच शुरू हुआ। कार्यवाही की शुरुआत स्वतंत्रता सेनानी चमन लाल, प्रख्यात फोटोग्राफर रघु राय और हॉकी खिलाड़ी गुरबख्श सिंह ग्रेवाल सहित कई हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। सदन में शोक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसके बाद कार्यवाही को सुबह 11:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सत्र शुरू होते ही प्रदेश की राजनीति गर्मा गई। आम आदमी पार्टी सरकार आज विश्वासमत प्रस्ताव लाने की तैयारी में है, जबकि विपक्षी दल सरकार को घेरने में जुट गए हैं। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा सदन में विश्वासमत प्रस्ताव पेश कर सकते हैं। पार्टी ने अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी कर समय से पहले विधानसभा पहुंचने के निर्देश दिए हैं।
वहीं कांग्रेस ने विधानसभा परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि सरकार मजदूरों के मुद्दे की आड़ में राजनीतिक नाटक कर रही है। कांग्रेस विधायक पगरट सिंह ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है और न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव सिर्फ दिखावा है।
दूसरी ओर भाजपा ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए सरकार को घेरने की रणनीति तेज कर दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है और सरकार बहुमत खो चुकी है। पार्टी ने आने वाले समय में बड़े राजनीतिक बदलाव का दावा भी किया है।
इस बीच आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की अटकलों से सियासी हलचल और तेज हो गई है। हालांकि, आप नेताओं ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सरकार को कोई खतरा नहीं है। विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि भाजपा की कोशिशें सफल नहीं होंगी और पंजाब में सरकार नहीं बदलेगी।
117 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 59 विधायकों की जरूरत होती है और आम आदमी पार्टी के पास फिलहाल पर्याप्त संख्या बताई जा रही है। इसके बावजूद जारी घटनाक्रम ने सियासी माहौल को बेहद संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजरें विश्वासमत प्रस्ताव पर टिकी हैं, जिससे सरकार की स्थिति साफ होगी।