उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और बागपत से बेहद दुखद खबर सामने आई है। असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के एएन-32 विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पांच जवान शहीद हो गए। शहीदों में अलीगढ़ के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और बागपत के फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह तोमर भी शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 10 बजे जोरहाट में लैंडिंग के दौरान वायुसेना का एएन-32 विमान हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि विमान में सवार पांचों जवानों ने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दे दिया।
अलीगढ़ के सालपुर गांव निवासी 31 वर्षीय सार्जेंट जितेंद्र शर्मा वर्ष 2014 में भारतीय वायुसेना में भर्ती हुए थे। हाल ही में वे छुट्टी पर घर आए थे और परिवार के साथ उनकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। 5 जून को वह ड्यूटी पर लौटे थे। परिवार उनके रिश्ते को अंतिम रूप देने की तैयारी में जुटा था, लेकिन शहादत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
जितेंद्र शर्मा करीब 12 वर्ष पहले अपने पिता को खो चुके थे। परिवार में उनकी मां और दो बड़े भाई रमाकांत तथा भूपेंद्र हैं। गांव में शोक का माहौल है और हर आंख नम है।
वहीं, इस हादसे में बागपत जिले के कंडेरा गांव निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह तोमर भी शहीद हो गए। जैसे ही उनके बलिदान की खबर गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
परिजनों के अनुसार, प्रशांत सिंह तोमर करीब छह वर्ष पहले भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में चयनित हुए थे। अपनी मेहनत, अनुशासन और देशभक्ति के दम पर उन्होंने कम समय में एक अलग पहचान बनाई थी। उनके पिता उमेश तोमर सेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में देहरादून में रहकर व्यवसाय करते हैं।
प्रशांत सिंह ने अपनी अधिकांश शिक्षा देहरादून में पूरी की थी। करीब दो वर्ष पहले उनका विवाह दिल्ली निवासी ऐश्वर्या के साथ हुआ था। उनके असमय निधन से परिवार, मित्रों और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है
देश ने इस हादसे में अपने पांच वीर सपूतों को खो दिया है। उनकी शहादत को हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा।