उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 24 पशुओं की भी मौत हुई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में नुकसान और बढ़ गया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों का तत्काल और समुचित इलाज सुनिश्चित किया जाए।
सरकार ने जनहानि, पशुहानि और घायलों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा देने के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से कहा है कि वे फील्ड में रहकर राहत कार्यों की निगरानी करें और जरूरत पड़ने पर शासन से समन्वय बनाकर काम करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में बिन मौसम बारिश हो रही है। कई जगहों पर ओलावृष्टि भी देखने को मिली है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। खासतौर पर वे लोग, जिनके पास पक्के आश्रय नहीं हैं, इस मौसम की मार झेल रहे हैं। पशुधन भी आंधी, बारिश और बिजली गिरने से प्रभावित हो रहा है। इसका असर देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी देखा गया है, जहां हाल ही में तेज बारिश और ओले गिरे हैं। मई जैसे गर्म महीने में इस तरह के मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम के इस दौर में सतर्क रहने की जरूरत है। लोगों को सलाह दी गई है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान बाहर निकलने से बचें और बिजली के खंभों व खुले स्थानों से दूर रहें। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।