मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या का मामला लगातार राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों को न्याय की लड़ाई में हर संभव साथ देने का भरोसा दिलाया और राज्य सरकार से परिवार की सभी मांगें पूरी करने की अपील की।
‘पीड़ित परिवार को मिले न्याय’
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और मृतक छात्रा को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी सरकार की है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को पीड़ित परिवार की सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
सरकार और पुलिस पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा जब वो खुद ही बेलगाम है, जिसके हाथ में लगाम है, तो फिर उनका क्या, जो उनके दरबार में दरबान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा की हत्या के मामले में नामजद आरोपियों पर अपेक्षाकृत कमजोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि आंदोलन में शामिल लोगों पर गंभीर धाराएं लगाई गईं। इसे उन्होंने न्याय के साथ अन्याय बताया।
‘पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल’
सपा प्रमुख ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों से लोगों को न्याय की उम्मीद होती है, उनके व्यवहार को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। उनका दावा है कि हाल में सामने आए कुछ वीडियो से उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि प्रभावित हुई है। अखिलेश यादव ने कहा कि ईमानदारी और संवेदनशीलता से काम करने वाले पुलिसकर्मी भी ऐसी घटनाओं से असहज महसूस करते होंगे।
‘पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा’
अपने बयान में अखिलेश यादव ने कहा कि “पीडीए अब सहेगा नहीं, कहेगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं, विशेषकर पीड़ित परिवारों के साथ सरकार का व्यवहार संवेदनशील नहीं है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जनता अब केवल भाषण नहीं, बल्कि न्याय और जवाबदेही चाहती है। मेरठ की इस घटना को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्माई हुई है। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि मामले की जांच और पुलिस कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।