लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में व्यापारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे को लेकर नया अपडेट सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा ने अदालत में सरेंडर करने के लिए दो दिन पहले आवेदन दिया है। बताया जा रहा है कि गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद उसके नेपाल जाने की चर्चा थी और अब उसके दोबारा उत्तर प्रदेश पहुंचने की बात सामने आई है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
इस मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर पर लखनऊ पुलिस की ओर से इनाम घोषित किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्या है शिवा शर्मा की मौत का मामला?
जानकारी के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के हजरतगंज इलाके स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद व्यापारी शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। शिवा की मां ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर पर हत्या का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। श्रद्धा के फरार होने और उसके नेपाल में होने के दावे भी सामने आए। इस दौरान सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए, जिनके आधार पर उसके नेपाल में होने की चर्चा की गई। हालांकि, इन दावों की पुष्टि आधिकारिक तौर पर होना जरूरी है।
मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है श्रद्धा दुबे
श्रद्धा दुबे के बारे में बताया जाता है कि वह मॉडलिंग और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर काम करती है। शिवा शर्मा और श्रद्धा के लिव-इन रिलेशनशिप में रहने की बात भी सामने आई है। शिवा की मौत के बाद मामले को लेकर कई तरह के दावे और चर्चाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने श्रद्धा के कथित राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें जांच के निष्कर्ष के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
वीडियो जारी कर श्रद्धा ने दी थी सफाई
इस मामले के बीच श्रद्धा दुबे के दो वीडियो सामने आने की बात कही गई है। इनमें उसने मीडिया से नेताओं और अधिकारियों के साथ उसका नाम जोड़कर खबरें नहीं चलाने की अपील की थी। दूसरे वीडियो में उसने शिवा शर्मा की मौत को आत्महत्या बताया था। वहीं, शिवा की मां ने हत्या का आरोप लगाया है। ऐसे में मामले में सामने आए अलग-अलग दावों की सच्चाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।