उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को करीब सात महीने बाकी हैं, लेकिन प्रदेश की सियासत में अभी से चुनावी गर्मी बढ़ती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। सीएम योगी ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते उनके कामकाज और दिनचर्या पर तंज कसा, जिसके बाद सपा प्रमुख ने भी सोशल मीडिया के जरिए पलटवार किया।
सीएम योगी ने अखिलेश पर साधा निशाना
एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों की आंख दोपहर 12 बजे खुलती हो और शाम सात बजे दोस्तों के साथ महफिल जमती हो, उन्हें प्रदेश की जनता के बारे में सोचने का समय कैसे मिलेगा। सीएम योगी ने कहा, “कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं। बबुआ भी यही करते थे। 12 बजे सोकर उठते थे, दो बजे तक तैयार होते थे और फिर पांच बजे जिम जाने का वक्त हो जाता था। सात बजे के बाद तो महफिल जम जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी दिनचर्या के कारण प्रदेश और जनता की समस्याओं पर ध्यान देने का समय नहीं मिल पाता था। योगी ने अपने पुराने शासनकाल के संदर्भ में कानून-व्यवस्था, दंगों और सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर भी अखिलेश पर निशाना साधा।
अखिलेश यादव ने किया पलटवार
सीएम योगी के बयान के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए पलटवार किया। उन्होंने अपने पोस्ट में लखनऊ अग्निकांड का जिक्र करते हुए पीड़ित परिवार और एक मां के साथ कथित बदसलूकी का मुद्दा उठाया। अखिलेश यादव ने लिखा कि पीड़ित मां के साथ कैमरे के सामने बदजुबानी की गई। उन्होंने कहा कि अगर खुद का सम्मान नहीं कर सकते तो कम से कम उन संवैधानिक पदों का सम्मान करना चाहिए, जिन पर वे बैठे हैं।सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए लिखा कि “ये न परलोक की मां का सम्मान करना जानते हैं, न इस लोक की मां का। अखिलेश ने आगे कहा कि उन्होंने उन्हें मन से माफ कर दिया है, क्योंकि वह किसी और के प्रभाव में हैं। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “जाते हुए लोगों से क्या शिकवा और क्या शिकायत।”
चुनाव से पहले तेज हो सकती है सियासी बयानबाजी
योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच ताजा बयानबाजी को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की सियासत में बढ़ती गर्मी के तौर पर देखा जा रहा है। दोनों नेता इससे पहले भी कई मुद्दों पर एक-दूसरे पर निशाना साध चुके हैं। मई में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज न पढ़ने संबंधी बयान पर अखिलेश यादव ने पलटवार किया था। अखिलेश ने कहा था कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और संविधान सभी को समान अधिकार देता है। उन्होंने तंज करते हुए कहा था कि उत्तर प्रदेश में “सब काम सड़कों पर ही होते हैं”, इसलिए भेदभाव की बात उचित नहीं है।