नई दिल्ली:|देश की सड़कों पर दौड़ने वाले लाखों ई-रिक्शा चालकों और उनमें सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने एक बड़ा निर्देश जारी करते हुए गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) और एप्पल ऐप स्टोर (Apple App Store) से BAT-BMS, SMART BMS और LOSSIGY समेत 7 प्रमुख मोबाइल ऐप्स को तुरंत हटाने (बैन करने) का आदेश दिया है।
यह आपातकालीन कार्रवाई इन ऐप्स के उस खतरनाक मिसयूज (दुरुपयोग) के बाद की गई है, जिसके जरिए सड़क पर चलते हुए किसी भी ई-रिक्शा की लिथियम-आयन बैटरी को कोई भी बाहरी व्यक्ति दूर बैठे ही बंद कर दे रहा था।
‘एक क्लिक’ और चलती गाड़ी ठप… सोशल मीडिया पर प्रैंक वीडियो ने बढ़ाई चिंता
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई ऐसे चौंकाने वाले और डराने वाले वीडियो वायरल हो रहे थे, जिसमें कुछ लड़के राह चलते अनजान ई-रिक्शा चालकों की गाड़ियों को महज एक क्लिक से रोक देते थे और इसे ‘प्रैंक’ (मजाक) का नाम देकर वीडियो बनाते थे। इस घटिया मजाक से न केवल गरीब ई-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी पर लात पड़ रही थी, बल्कि सड़क पर भयंकर एक्सीडेंट्स का खतरा भी कई गुना बढ़ गया था।
चीनी कंपनियों का ‘घटिया सॉफ्टवेयर’ और बिना पासवर्ड का सुरक्षा तंत्र
भारतीय साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट-इन (CERT-In) के आंतरिक विश्लेषण में इस तकनीकी खतरे की असली वजह सामने आई है। जांच में पता चला है कि भारत में धड़ल्ले से बिकने वाली इन चीनी लिथियम-आयन बैटरियों में जो बीएमएस (बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम) लगा है, उसका ‘फर्मवेयर प्रोटोकॉल’ बेहद असुरक्षित है।
इन बैटरियों में सुरक्षा के नाम पर कोई मजबूत ऑथेंटिकेशन या पासवर्ड लेयर (सुरक्षा चक्र) थी ही नहीं। इसका फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व इन प्रतिबंधित ऐप्स को डाउनलोड करते थे, पास से गुजरने वाले ई-रिक्शा की ब्लूटूथ आईडी सर्च करते थे और ‘एक क्लिक’ में उसकी बैटरी को गाड़ी से डिस्कनेक्ट कर देते थे। चलती गाड़ी के अचानक बंद होने से ब्रेक फेल होने और पीछे से आ रहे भारी वाहनों से टक्कर होने का रिस्क 200 फीसदी तक बढ़ गया था।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा: गृह मंत्रालय
परिवहन मंत्रालय और ऑटोमोटिव सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का ई-रिक्शा बाजार काफी हद तक अनऑर्गेनाइज्ड चीनी कल-पुर्जों पर निर्भर हो चुका है। भारत सरकार के कड़े सुरक्षा मानकों (AIS-156) को ताक पर रखकर धड़ल्ले से आयात की जा रही इन बैटरियों में डेटा एन्क्रिप्शन पूरी तरह गायब था।
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि बैन किए गए इन एप्लिकेशंस के सर्वर सीधे चीन में स्थित थे। इसके जरिए न केवल भारतीय यात्रियों की लाइव लोकेशन को ट्रैक किया जा सकता था, बल्कि भारत के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के एक बहुत बड़े हिस्से को रिमोटली पंगु (हैक) करने का भी बड़ा जोखिम था। यही वजह है कि सरकार ने इसे कोई सामान्य तकनीकी खराबी (Bug) न मानकर सीधे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा’ माना और डिजिटल स्ट्राइक कर दी।
ई-रिक्शा चालक सावधान! सरकार ने जारी की एडवायजरी, तुरंत करें ये 3 काम
अगर आप भी ई-रिक्शा चलाते हैं या आपके परिचित चलाते हैं, तो इस बैन के बाद सरकार और विशेषज्ञों ने निम्नलिखित तकनीकी कदम उठाने की सख्त सलाह दी है ताकि आपकी गाड़ी सुरक्षित रहे:
थर्ड-पार्टी ऐप्स का ‘द एंड’: अपने स्मार्टफोन से किसी भी प्रकार के चीनी या अनधिकृत स्मार्ट बीएमएस ऐप को तुरंत डिलीट (अनइंस्टॉल) कर दें।
मैनुअल मोड अपनाएं (MCB का इस्तेमाल): अपने नजदीकी बैटरी सप्लायर या डीलर के पास जाएं और ब्लूटूथ कनेक्टिविटी को पूरी तरह ब्लॉक करवाकर फिजिकल सर्किट ब्रेकर यानी मैनुअल MCB का उपयोग शुरू करें।
सरकारी मानकों वाली बैटरी ही लें: भविष्य में जब भी नई बैटरी खरीदें, तो केवल वही लिथियम बैटरियां लें जो भारत सरकार के AIS-156 सुरक्षा मानकों के तहत प्रमाणित (Certified) हों। किसी भी सस्ती चीनी बैटरी के झांसे में न आएं।