चंडीगढ़। हरियाणा में अब सरकारी अस्पतालों में लैब टेस्ट या अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाने पर मरीज निजी लैब में टेस्ट करा सकेंगे। स्वास्थ्य निदेशालय की ओर से सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को निजी लैब एंपैनल करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी डॉक्टर और सीएमओ द्वारा लिखी पर्ची पर मरीज एंपैनल लैब में टेस्ट और अल्ट्रासाउंड करा सकेंगे। सरकार द्वारा सिविल अस्पताल को दिए जाने वाले फंड से एंपैनल लैब को टेस्ट का भुगतान किया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को खुद सरकार के इस अहम फैसले की जानकारी दी।
इससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, सरकारी अस्पतालों में मांगों को लेकर डॉक्टरों ने दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी।
वीरवार को मामले को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और स्वास्थ्य सचिव सुधीर राजपाल के साथ हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एचसीएमएस) के वार्ता के लंबे दौर चले थे, लेकिन शुक्रवार को न सरकार की ओर से एसोसिएशन पदाधिकारियों के साथ बातचीत करने की कोशिश की गई और न डॉक्टर झुकते दिखे।