शमित मेहरोत्रा, एक 13 साल के होनहार छात्र, जिन्होंने अपनी अद्भुत प्रतिभा से दुनिया भर में नाम कमाया है। शमित, जो आईपीईएम इंटरनेशनल स्कूल एंड कॉलेज, प्रयागराज में कक्षा VIII के छात्र हैं, उनकी कहानी सच में प्रेरणादायक है। शमित की माँ, सुश्री सलोनी मेहरोत्रा ने बताया, “शमित को बचपन से ही भूगोल और खेलों में रुचि थी। हमने उसकी इस रुचि को पहचानकर उसे सही दिशा में प्रोत्साहित किया।”
शमित की उपलब्धियाँ सच में कमाल हैं:
उन्होंने इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में 2 मिनट 58 सेकंड में 254 फ्लैग्स पहचानकर रिकॉर्ड बनाया।
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी उन्होंने 30 सेकंड में 61 फ्लैग्स पहचानकर नाम कमाया।
इसके अलावा, उन्होंने डिजिटल मैप पर एशियाई देशों को सबसे तेजी से पहचानने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
शमित के पिता, श्री राहुल मेहरोत्रा ने बताया, “शमित की फोटोग्राफिक मेमोरी और ग्लोबल अवेयरनेस वाकई अद्भुत है। हम उसकी इस प्रतिभा पर गर्व करते हैं। शमित की अन्य प्रतिभाएँ भी कम नहीं हैं – वे मांडला आर्ट में अच्छे हैं, रुबिक्स क्यूब सॉल्व करना पसंद करते हैं, और क्रिकेट में ट्रेनिंग ले रहे हैं। क्रिकेट रिकॉर्ड्स के बारे में भी उनकी अच्छी जानकारी है।
शमित की इस सफलता पर हमने उनसे बात की
“शमित, आपकी इन उपलब्धियों के बारे में बताइए?” हमें खुशी है कि हमने अपने शौक को मेहनत में बदलकर कुछ खास हासिल किया। आगे भी नई चुनौतियों के लिए तैयार हैं। शमित की कहानी हमें प्रेरित करती है कि अगर दिल से कोशिश की जाए, तो कुछ भी असंभव नहीं है!
