नई दिल्ली| राजधानी के विवेक विहार इलाके में हुए भीषण अग्निकांड ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चार मंजिला इस रिहायशी इमारत में सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी सामने आई है, जिसने हादसे को और भी घातक बना दिया। अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं।
एक ही सीढ़ी, कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं
जांच में सामने आया है कि इमारत में आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही सीढ़ी थी। आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए कोई अलग EXIT डोर नहीं था।दमकल अधिकारियों के मुताबिक, यही वजह रही कि आग लगने के बाद लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल सका और कई लोग अंदर ही फंस गए।
छत पर भी लगा था ताला
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इमारत की छत पर भी ताला लगा हुआ था। यानी अगर कोई व्यक्ति जान बचाने के लिए ऊपर भागता, तो वहां से भी निकलने का कोई रास्ता नहीं था। दमकल टीम ने बताया कि छत की ओर जाने वाली सीढ़ी भी बंद थी, जहां से बाद में कुछ लोगों को रेस्क्यू किया गया।
तड़के लगी आग, तेजी से फैली लपटें
यह हादसा रविवार तड़के करीब 3:30 बजे हुआ। आग इतनी तेजी से फैली कि दूसरी मंजिल से शुरू होकर तीसरी और चौथी मंजिल तक पहुंच गई।फायर कंट्रोल रूम को सुबह करीब 3:48 बजे सूचना मिली, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं।
2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू
घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव कार्य चलाया। करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान 10 से 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अधिकारियों का क्या कहना है
शाहदरा के डीसीपी Rajendra Prasad Meena के मुताबिक, सूचना मिलते ही टीमें मौके पर पहुंच गई थीं। आग बुझाने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें मृतकों और घायलों को बाहर निकाला गया। आग लगने की असली वजह अब तक साफ नहीं हो पाई है। कुछ लोग इसे शॉर्ट सर्किट बता रहे हैं, तो कुछ के मुताबिक AC में ब्लास्ट के बाद आग भड़की। फिलहाल फॉरेंसिक टीम और जांच एजेंसियां हर पहलू से मामले की जांच कर रही हैं।
सुरक्षा पर बड़े सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद इतने लोगों की जान बचाई जा सकती थी।