दिल्ली के शाहदरा स्थित विवेक विहार इलाके में रविवार तड़के एक रिहायशी इमारत में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। इस दर्दनाक हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं और अस्पताल में उनका इलाज जारी है। हादसा सुबह करीब 3:15 बजे हुआ, जब अधिकतर लोग गहरी नींद में थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घर में लगा डिजिटल (इलेक्ट्रॉनिक) लॉक आग लगने के दौरान काम नहीं कर पाया, जिससे लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके। बताया जा रहा है कि परिवार दरवाजे तक पहुंचा, लेकिन लॉक न खुलने के कारण अंदर ही फंस गया। इस हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर तब सामने आई, जब एक मां अपने बच्चे को आखिरी पल तक बाहों में समेटे मिली।
एक रिश्तेदार के मुताबिक, परिवार की एक महिला ने सुबह 3:55 बजे फोन कर बताया था कि डिजिटल लॉक खुल नहीं रहा है। फायर विभाग के डिविजनल ऑफिसर मुकेश वर्मा ने बताया कि छत पर लगे लॉक को तोड़कर तीन शव बरामद किए गए। उन्होंने कहा कि पांच सीढ़ियों की मदद से करीब 15 लोगों को बचाया गया, लेकिन अगर डिजिटल लॉक न होता तो और जानें बचाई जा सकती थीं।
पुलिस की शुरुआती जांच में कई गंभीर लापरवाहियां सामने आई हैं। इमारत में स्टिल्ट पार्किंग और चार मंजिलों के बावजूद कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। करीब 800 गज में बनी इस बिल्डिंग में हर फ्लोर पर दो-दो फ्लैट बनाए गए थे, जबकि नियम के अनुसार एक फ्लोर पर एक ही फ्लैट होना चाहिए। पूरी इमारत में बाहर निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता था, जिससे हालात और बिगड़ गए। कुछ लोग छत की ओर भागे, लेकिन वहां भी लॉक लगा होने के कारण वे धुएं में फंस गए।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए आश्वासन दिया कि राहत और बचाव कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। स्थानीय प्रशासन, DDMA, दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें मौके पर लगातार काम कर रही हैं।