पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को री-पोलिंग कराई जा रही है। पिछले महीने हुए मतदान में EVM हेराफेरी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने मतदान रद्द कर दिया था। अब दोबारा हो रहे मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं ज्यादा कड़ी कर दी गई है। चुनाव आयोग के अनुसार, इस बार हर मतदान केंद्र पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 8 जवान तैनात किए गए हैं। पिछली बार प्रत्येक बूथ पर केवल 4 जवान मौजूद थे। पूरे विधानसभा क्षेत्र में करीब 35 कंपनियां केंद्रीय बलों की तैनात की गई हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 30 क्विक रिस्पॉन्स टीमें भी तैयार रखी गई हैं।
फलता विधानसभा क्षेत्र में कुल 285 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने इस बार निगरानी के लिए हाईटेक इंतजाम किए हैं। मतदान केंद्रों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है। हर बूथ के अंदर दो वेब कैमरे और बाहर एक कैमरा लगाया गया है। मतदान प्रक्रिया की लाइव मॉनिटरिंग वेबकास्ट के जरिए की जाएगी। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए तीन चुनाव पर्यवेक्षक भी नियुक्त किए गए हैं। री-पोलिंग से पहले टीएमसी को बड़ा झटका भी लगा है। पार्टी के उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी प्रक्रिया से खुद को अलग करने का ऐलान कर दिया। प्रचार खत्म होने के दिन उनके इस फैसले ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। जहांगीर खान ने कहा कि अब वह चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहेंगे। चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से शांतिपूर्ण मतदान कराने में सहयोग की अपील की है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलेगा। मतगणना की तारीख का ऐलान बाद में किया जाएगा। बंगाल की राजनीति में इस री-पोलिंग को काफी अहम माना जा रहा है।