पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई को होने वाली पुनर्मतदान से ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी उम्मीदवार जहांगीर खान ने चुनावी मैदान से हटने का ऐलान कर दिया है। मतदान से करीब 48 घंटे पहले लिए गए इस फैसले ने बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
जहांगीर खान ने उम्मीदवारी वापस लेने की वजह बताते हुए कहा कि वह फाल्टा में शांति और विकास चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मैं फाल्टा का बेटा हूं और चाहता हूं कि यहां शांति बनी रहे। हमारे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी फाल्टा के विकास के लिए विशेष पैकेज दे रहे हैं, इसलिए मैंने पुनर्मतदान से खुद को अलग करने का फैसला लिया है।”
जहांगीर खान के इस फैसले पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि अभिषेक बनर्जी के करीबी जहांगीर “पुष्पा” खान का अचानक चुनाव मैदान छोड़ना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या “डायमंड हार्बर मॉडल” निष्पक्ष मतदान की संभावना बनते ही ढह गया।
फाल्टा सीट पर दूसरे चरण के तहत 29 अप्रैल को मतदान हुआ था। मतदान के दौरान ईवीएम में कथित छेड़छाड़ और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं। इसके बाद चुनाव आयोग ने यहां दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया। अब इस सीट पर 21 मई को पुनर्मतदान होगा, जबकि मतगणना 24 मई को की जाएगी।
चुनाव प्रचार के दौरान जहांगीर खान काफी चर्चा में रहे थे। बंगाल चुनाव में पर्यवेक्षक बनाकर भेजे गए यूपी के चर्चित आईपीएस अधिकारी Ajay Pal Sharma के साथ उनकी तीखी बयानबाजी सुर्खियों में रही थी। जहांगीर का “अगर वह सिंघम हैं, तो मैं पुष्पा हूं” वाला बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था।
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र डायमंड हारबर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है, जिसका प्रतिनिधित्व तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी करते हैं। खास बात यह रही कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी , अभिषेक बनर्जी और पार्टी के अन्य बड़े नेताओं ने पुनर्मतदान से पहले फाल्टा में कोई चुनावी रैली या जनसभा नहीं की।