नई दिल्ली। एडटेक कंपनी Byju’s के संस्थापक बायजू रवींद्रन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सिंगापुर की एक अदालत ने उन्हें अदालत की अवमानना के मामले में छह महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह फैसला संपत्तियों के खुलासे से जुड़े कई आदेशों का पालन न करने के आरोप में दिया है। अदालत ने रवींद्रन को अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने, करीब 90 हजार सिंगापुर डॉलर का कानूनी खर्च जमा करने और अपनी कंपनी BR InvestCo Pvt Ltd में हिस्सेदारी से जुड़े दस्तावेज पेश करने का निर्देश भी दिया है।
समझौता वार्ता का दिया हवाला
फैसले के बाद बायजू रवींद्रन ने बयान जारी कर कहा कि ग्लास ट्रस्ट और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (QIA) समेत कई पक्षों के साथ समझौता वार्ता अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उनके मुताबिक, सिर्फ कुछ छोटे मुद्दों पर सहमति बननी बाकी है। रवींद्रन ने कहा कि हालिया कानूनी घटनाक्रम को जिस तरह पेश किया गया, उससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि समझौता वार्ता में शामिल पक्षों ने यह माना है कि उनकी या अन्य संस्थापकों की ओर से कोई गलत काम नहीं हुआ।
‘टकराव नहीं, समाधान चुना’
बायजू रवींद्रन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में उन्होंने कई कानूनी मामलों का आक्रामक तरीके से विरोध नहीं किया, क्योंकि सभी पक्ष व्यापक समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने टकराव के बजाय समाधान का रास्ता चुना। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस संवेदनशील दौर में मामले को आगे बढ़ाना दबाव बनाने की रणनीति जैसा दिखाई देता है।
कई देशों में कानूनी संकट से जूझ रही कंपनी
गौरतलब है कि Byju’s पिछले कुछ समय से गंभीर वित्तीय और कानूनी संकट का सामना कर रही है। अमेरिका समेत कई देशों में निवेशकों और कर्जदाताओं ने कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 1.2 अरब डॉलर के ऋण विवाद को लेकर जांच और मुकदमे जारी हैं। बताया जा रहा है कि सिंगापुर में यह कानूनी कार्रवाई कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी की एक इकाई की ओर से शुरू की गई थी। उस दौरान कंपनी कर्मचारियों की छंटनी और कारोबार में बड़े बदलाव कर रही थी।