रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ संबंधों को लेकर बड़ा बयान देते हुए देश की आर्थिक प्रगति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना की है। पुतिन ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के स्तर तक पहुंच जाएगा। साथ ही उन्होंने भारत को रूस का भरोसेमंद और रणनीतिक साझेदार बताया।
भारत की आर्थिक ताकत की सराहना
अपने संबोधन में व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और उसकी विकास दर प्रभावशाली बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भारत लगातार आर्थिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। पुतिन ने कहा कि रूस और भारत के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि दोनों देशों के बीच व्यापार जल्द ही 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर जाएगा।
अमेरिका पर साधा निशाना
रूसी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के दौरान अमेरिका का नाम लिए बिना पश्चिमी देशों की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ देश भारत पर रूस के साथ उसके संबंधों को लेकर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन भारत अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर फैसले लेने वाला स्वतंत्र और मजबूत देश है। पुतिन ने कहा कि भारत एक महान लोकतंत्र है और वह अपने हितों की रक्षा करना अच्छी तरह जानता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के अन्य देशों के साथ मजबूत संबंधों को रूस नकारात्मक दृष्टि से नहीं देखता और दोनों देशों की मित्रता आपसी विश्वास पर आधारित है।
सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे पुतिन
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में भारत आने वाले हैं। वह 12 और 13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस वर्ष भारत ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है और सम्मेलन की मेजबानी भी करेगा। ब्रिक्स समूह की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। बाद में इसके विस्तार के तहत मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को शामिल किया गया। वर्ष 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह का सदस्य बना। पुतिन का प्रस्तावित भारत दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को नई दिशा देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।