अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दान पात्रों में कथित धनराशि गबन के आरोपों की जांच अब विशेष जांच दल (SIT) करेगा। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय SIT का गठन कर दिया है। समिति को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट तथा 15 दिनों के भीतर अंतिम जांच रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
गठित SIT का नेतृत्व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत करेंगे। समिति में आईजी रेंज किरन एस तथा वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को भी शामिल किया गया है। ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
इधर, दान राशि में कथित अनियमितता के मामले में पुलिस ने रुदौली क्षेत्र के निवासी लवकुश को हिरासत में लिया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने उसके घर पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है। सूत्रों के अनुसार, बरामद धनराशि 10 से 12 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है, जिसे कथित रूप से गोबर के ढेर में छिपाकर रखा गया था।
यह कार्रवाई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। आरोपी के परिजनों का कहना है कि लवकुश पिछले चार-पांच महीनों से मंदिर परिसर में कार्यरत था।
मामले की शुरुआत तब हुई जब मंदिर की दान पेटियों से निकाली गई राशि की गिनती के दौरान कथित रूप से रकम में अंतर पाए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मंदिर प्रशासन ने आंतरिक जांच शुरू करते हुए कुछ कर्मचारियों से पूछताछ की।
विवाद बढ़ने पर संत समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों ने मामले की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े श्रीराम मंदिर के चढ़ावे में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं, भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी मामले की पूरी सच्चाई सामने लाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया है।
अब सभी की निगाहें SIT की जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि दान राशि में कथित गड़बड़ी के पीछे वास्तविक तथ्य क्या हैं और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।