देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले 48 घंटों में हुई रिकॉर्ड बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जबकि मुंबई-पुणे मार्ग पर भूस्खलन के कारण सड़क और रेल यातायात बुरी तरह बाधित हो गया है। मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके बाद एहतियात के तौर पर सभी सरकारी, निजी और बीएमसी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर बड़ा भूस्खलन
भारी बारिश के चलते मुंबई और पुणे को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर हालात गंभीर बने हुए हैं। पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर टनल-2 के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के बाद मुंबई जाने वाली लेन पूरी तरह बंद कर दी गई। पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर भी कई जगह ट्रैफिक प्रभावित हुआ है।
प्रशासन और महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) ने लोगों से फिलहाल मुंबई-पुणे यात्रा टालने की अपील की है। लगातार बारिश की वजह से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
रेलवे ट्रैक पर मलबा, कई ट्रेनें रद्द
भारी बारिश का असर रेलवे सेवाओं पर भी देखने को मिला है। कर्जत-लोनावला के बीच भोर घाट सेक्शन में हुए भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रेल मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया। सेंट्रल रेलवे के अनुसार ठाकुरवाड़ी और मंकी हिल स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर भारी मात्रा में मलबा आ गिरा, जिससे अप, डाउन और मिडिल तीनों लाइनें बाधित हो गईं।
स्थिति को देखते हुए रेलवे ने डेक्कन क्वीन, इंद्रायणी एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस, सिंहगढ़ एक्सप्रेस और प्रगति एक्सप्रेस समेत करीब 16 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। कई लंबी दूरी की ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए हैं। रेलवे की टीमें ट्रैक से मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्य में चुनौती बनी हुई है।
एयरपोर्ट संचालन पर भी असर
लगातार खराब मौसम का असर मुंबई एयरपोर्ट पर भी पड़ा है। कम विजिबिलिटी और तेज हवाओं के कारण छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए रनवे संचालन प्रभावित रहा। इसके चलते कई उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि कुछ फ्लाइट्स रद्द भी की गईं।
शहर के कई इलाके जलमग्न
मुंबई के निचले इलाकों में भारी जलभराव से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हिंदमाता, सायन, कूर्ला, अंधेरी सबवे और मानखुर्द जैसे इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया।
मानखुर्द इलाके में बारिश के बीच एक तीन मंजिला चॉल गिरने से छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कूर्ला में पेड़ गिरने की घटना में एक बुजुर्ग की जान चली गई। प्रशासन ने लोगों से बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।