उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शाहजहांपुर जिले के ऐतिहासिक कस्बे जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने का बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब जलालाबाद की आधिकारिक पहचान परशुरामपुरी के नाम से होगी।
सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि जलालाबाद को भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता है और पौराणिक ग्रंथों में भी इस स्थान का उल्लेख मिलता है। लंबे समय से स्थानीय जनप्रतिनिधि और निवासी इस कस्बे का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखने की मांग कर रहे थे। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी।

विज्ञप्ति के अनुसार, नगर पालिका परिषद जलालाबाद के अंतर्गत आने वाले कस्बे का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव पर पहले अनापत्ति प्रदान की गई थी, जिसके बाद अब कैबिनेट ने अंतिम अनुमोदन दे दिया है। प्रदेश सरकार इससे पहले भी कई शहरों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदल चुकी है। इनमें इलाहाबाद का नाम प्रयागराज, फैजाबाद का नाम अयोध्या, मुगलसराय का नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर और झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन किया जा चुका है।
इसके अलावा हाल ही में गोरखपुर में करीब 50 वार्डों के नाम बदले गए थे। वहीं हरदोई जिले के हाजीपुर का नाम सियारामपुर और फिरोजाबाद जिले के उरमुरा किरार का नाम हरिनगर किया गया था। शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी किए जाने का फैसला भी इसी क्रम में सरकार के एक और महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में देखा जा रहा है।