ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भारतीय समुदाय के विशाल कार्यक्रम ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ को संबोधित किया। मार्वल स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में 30 हजार से अधिक भारतीय मूल के लोग शामिल हुए। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों, भारतीय संस्कृति और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका पर विस्तार से बात की।
‘भारत मदद करते समय पासपोर्ट का रंग नहीं देखता’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा मानवता को सर्वोपरि रखता है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान भारत ने 100 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई और उस समय किसी का पासपोर्ट या राष्ट्रीयता नहीं देखी। उन्होंने कहा, “भारत जब मदद करता है तो पासपोर्ट का रंग नहीं देखता। यही हमारी संस्कृति और मानवीय मूल्यों की पहचान है।”
12 साल में तीसरी बार ऑस्ट्रेलिया पहुंचे PM मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनका तीसरा ऑस्ट्रेलिया दौरा है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में जब वह पहली बार ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे, तब 28 वर्षों बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने इस देश का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे उच्चस्तरीय दौरे इस बात का प्रमाण हैं कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने इस मजबूत साझेदारी का श्रेय दोनों देशों के लोगों, विशेषकर भारतीय समुदाय को दिया।
‘मोदी-मोदी’ के नारों पर दिया जवाब
कार्यक्रम के दौरान जब पूरा स्टेडियम “मोदी-मोदी” के नारों से गूंज उठा तो प्रधानमंत्री ने कहा कि यह किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के मजबूत रिश्तों और दोनों देशों के लोगों के आपसी विश्वास की जीत है।
भारतीय संस्कृति और ‘लिटिल इंडिया’ का किया जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने मेलबर्न में बसे भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि शहर के कई इलाके और बाजार भारतीय संस्कृति की झलक पेश करते हैं। उन्होंने कहा कि कोई उन्हें “लिटिल इंडिया” तो कोई “मिनी इंडिया” कहता है, लेकिन हर जगह भारतीय परंपरा और संस्कृति की खुशबू महसूस होती है। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि मेलबर्न के एक भारतीय बाजार में हमेशा सेल लगी रहती है और लोग अक्सर “सेल के चक्कर में घनचक्कर बन जाते हैं।”
‘भजन क्लबिंग’ का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे “भजन क्लबिंग” ट्रेंड का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में भी भारतीय समुदाय सप्ताहांत पर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ा रहता है। सत्यनारायण कथा, गुरुद्वारों में अरदास, बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम और क्रिकेट प्रतियोगिताएं भारतीय समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रही हैं।
‘विकसित भारत’ के संकल्प को दोहराया
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत आज “ग्रो मोर, अचीव मोर” की सोच के साथ काम कर रहा है और 140 करोड़ देशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
अल्बानीज ने भी भारतीय समुदाय की सराहना की
कार्यक्रम को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय की ऊर्जा और उत्साह भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी की मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंथनी अल्बानीज ने भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों और प्रमुख नेताओं से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।