इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में पाकिस्तानी वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी की दिनदहाड़े हत्या के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एयर हेडक्वार्टर के बाहर अज्ञात हमलावर ने पाक वायुसेना से जुड़े ग्रुप कैप्टन असीम तारिक को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रुप कैप्टन असीम तारिक पाकिस्तानी वायुसेना की इंटेलिजेंस शाखा से जुड़े हुए थे और हाल के दिनों में अफगानिस्तान में हुई एयरस्ट्राइक ऑपरेशन से भी उनका नाम जोड़ा जा रहा था। इसी वजह से इस घटना को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
इस्लामाबाद पुलिस ने शुरुआती जांच में दावा किया है कि यह मामला एक युवती से जुड़े विवाद का परिणाम हो सकता है। पुलिस के अनुसार, अधिकारी ने सड़क पर एक युवक को कथित तौर पर युवती के साथ जबरदस्ती करते देखा था और उसे रोकने की कोशिश की थी। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई और बाद में आरोपी ने गोली चला दी।
हालांकि, घटना से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कहानी पर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में ग्रुप कैप्टन अपनी कार के अंदर बैठे दिखाई दे रहे हैं और उन्होंने सीट बेल्ट भी लगा रखी थी। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर वह कार से बाहर निकले बिना पूरे घटनाक्रम में कैसे शामिल हुए।
कुछ घंटों में आरोपी की गिरफ्तारी का दावा
पुलिस ने घटना के कुछ घंटों बाद आरोपी युवक को गिरफ्तार करने का दावा किया। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी एक निजी शोरूम में काम करता है और उस पर महिलाओं को परेशान करने के आरोप भी लगे हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
ग्रुप कैप्टन असीम तारिक की हत्या ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़े कई लोगों पर हमले हुए हैं। कई मामलों में बाइक सवार हमलावरों द्वारा टारगेट किलिंग की घटनाएं सामने आई हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि राजधानी इस्लामाबाद में इस तरह की घटना होना पाकिस्तान के सुरक्षा ढांचे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब पाकिस्तान के कई हिस्सों में हालात पहले से तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लंबे समय से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। वहीं बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच लगातार टकराव हो रहा है।