नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आगामी सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इस बार सत्र के दौरान सरकार की ओर से तीन संविधान संशोधन विधेयक पेश किए जाने की संभावना जताई जा रही है। संभावित विधेयकों को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और विपक्षी दल भी अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। इसी क्रम में दिल्ली में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अहम बैठक आयोजित की गई। 10 जनपथ पर सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल, शशि थरूर, पी. चिदंबरम, कुमारी शैलजा और मनीष तिवारी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में मानसून सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति और सरकार की संभावित विधायी पहल पर चर्चा की गई। खासतौर पर परिसीमन से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस की रणनीति को लेकर मंथन हुआ। बताया जा रहा है कि सरकार भी इस मुद्दे पर सक्रिय है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई एक लंबी बैठक में गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जहां संभावित विधेयकों और संसदीय रणनीति पर चर्चा हुई।
संविधान संशोधन विधेयकों को पारित कराने के लिए संसद में विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है। ऐसे में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों की नजरें सहयोगी दलों और संभावित समर्थन के समीकरणों पर टिकी हुई हैं। आगामी मानसून सत्र में परिसीमन और संविधान संशोधन से जुड़े मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में रह सकते हैं।