बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जन सुराज पार्टी (JSP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। बुधवार को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में जन सुराज के कई वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर ये नेता पार्टी से जुड़े हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नए सदस्य संगठन को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भाजपा में शामिल होने वालों में दीघा से जन सुराज के पूर्व उम्मीदवार बिट्टू सिंह, मेयर पद की पूर्व उम्मीदवार विनीता बिट्टू, कुम्हरार से उम्मीदवार के.सी. सिन्हा और मनेर से उम्मीदवार गोपाल सिंह प्रमुख हैं।
सदस्यता ग्रहण करने के बाद बिट्टू सिंह ने कहा, “अब मैं भाजपा नहीं छोड़ूंगा। मैं यहीं रहूंगा और यहीं मरूंगा।” उन्होंने भाजपा की विचारधारा और नेतृत्व में पूर्ण विश्वास जताते हुए पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की बात कही।
वहीं, गोपाल सिंह ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास कोई स्पष्ट विजन नहीं है और अहंकारी नेतृत्व के साथ मजबूत संगठन नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने भाजपा को एक सशक्त संगठन बताते हुए उसे और मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
इस घटनाक्रम को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह 30 जुलाई को होने वाले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले हुआ है। इस उपचुनाव में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के खिलाफ मैदान में हैं। यह सीट भाजपा के चार बार विधायक रहे नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी।
भाजपा ने भी इस मौके को संगठन के विस्तार की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया। पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों का भाजपा से जुड़ना एनडीए सरकार के “समृद्ध बिहार और विकसित भारत” के संकल्प में जनता के विश्वास को दर्शाता है।