नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने लो प्रेशर एरिया के सक्रिय होने से मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इसके प्रभाव से भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के 22 राज्यों में हल्की से लेकर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह लो प्रेशर सिस्टम अगले दो दिनों में और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के मैदानी क्षेत्रों की ओर बढ़ेगा। इसके चलते अगले सात दिनों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी हिमालयी राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी।
राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली: राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, लेकिन उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है।
उत्तर प्रदेश:
- पूर्वी यूपी: 17 से 21 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना।
- पश्चिमी यूपी: 16 से 18 जुलाई तक छिटपुट बारिश, जबकि 19 से 21 जुलाई के दौरान भारी बारिश के साथ 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
बिहार: 16 से 20 जुलाई तक अधिकांश जिलों में बारिश होगी। 18 से 20 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है।
झारखंड: 18 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 21 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
उत्तराखंड: 16 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश का दौर रहेगा। 20 और 21 जुलाई को कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश: 18 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जबकि 20 और 21 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
जम्मू-कश्मीर: 19 से 21 जुलाई के बीच भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
इन राज्यों में अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन 22 राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है, उनमें प्रमुख रूप से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, सिक्किम, असम, मेघालय और नागालैंड सहित कई अन्य राज्य शामिल हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।