बिहार सरकार ने राज्य के 5 लाख से अधिक शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया को पारदर्शी और पूरी तरह ऑनलाइन बनाने के लिए नई स्थानांतरण नीति लागू कर दी है। ‘बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026’ के तहत अब शिक्षकों का ट्रांसफर 100 अंकों के API (Assessment Point Index) आधारित मार्किंग सिस्टम के जरिए किया जाएगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य तबादलों में पारदर्शिता बढ़ाना, मानवीय आधारों को प्राथमिकता देना और भ्रष्टाचार व पैरवी की संस्कृति पर रोक लगाना है।
100 अंकों का मार्किंग सिस्टम करेगा फैसला
नई नीति के तहत शिक्षकों को विभिन्न मानकों के आधार पर अंक दिए जाएंगे। इनमें—
- गंभीर बीमारी वाले शिक्षकों को 20 अंक
- दिव्यांग शिक्षकों को 15 अंक
- महिला शिक्षकों को 10 अंक
- पति-पत्नी अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत होने पर 10 अंक
- सेवा अवधि (अनुभव) के आधार पर प्रत्येक वर्ष के लिए निर्धारित अंक
- वर्तमान पदस्थापन के आधार पर भी अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
इन्हीं अंकों के आधार पर तबादले की प्राथमिकता तय की जाएगी।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
अब शिक्षकों को तबादले के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। शिक्षा विभाग ने इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है, जहां शिक्षक लॉगिन कर अपनी पसंद के स्कूल और स्थान का विकल्प चुनकर आवेदन कर सकेंगे।
तीन चरणों में होंगे तबादले
नई नीति के तहत स्थानांतरण प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी—
- समायोजन (Adjustment): छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) संतुलित करने के लिए जरूरत के अनुसार शिक्षकों का समायोजन।
- पारस्परिक तबादला (Mutual Transfer): दो शिक्षक आपसी सहमति से एक-दूसरे के स्थान पर स्थानांतरण ले सकेंगे।
- सामान्य तबादला (General Transfer): विषयवार रिक्त पदों की सूची जारी होगी, जिसके आधार पर शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल के लिए आवेदन कर सकेंगे।
महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग प्रावधान
नई नियमावली में महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्रावधान किए गए हैं।
- महिला शिक्षकों का स्थानांतरण उनके गृह पंचायत को छोड़कर उसी ब्लॉक की किसी निकटवर्ती पंचायत में किया जा सकेगा।
- पुरुष शिक्षकों का तबादला उनके गृह प्रखंड को छोड़कर उसी जिले के किसी अन्य नजदीकी प्रखंड में किया जाएगा।
29 जुलाई से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया
शिक्षा विभाग के अनुसार, ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल 29 जुलाई 2026 से खुल जाएगा। शिक्षक 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा करते हुए 31 अक्टूबर 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश पर तैयार की गई इस नई व्यवस्था से तबादलों में पारदर्शिता बढ़ने और भ्रष्टाचार तथा सिफारिश आधारित व्यवस्था पर प्रभावी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।