नई दिल्ली/वाराणसी: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 29 जुलाई 2026 से 20 फरवरी 2027 (संत रविदास जयंती) तक देशभर में ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान’ चलाएगी। अभियान का शुभारंभ संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर (वाराणसी) से होगा। उद्घाटन कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे।
सात महीने तक देशभर में होंगे कार्यक्रम
भाजपा के अनुसार, यह अभियान करीब सात महीने तक चलेगा। इसके तहत देशभर में समरसता सभाएं, पदयात्राएं, सामाजिक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और संत रविदास के विचारों पर आधारित आयोजन किए जाएंगे। अभियान के दौरान संत रविदास की जन्मस्थली की पवित्र मिट्टी को कलशों में भरकर देश के विभिन्न राज्यों में ले जाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इसका उद्देश्य सामाजिक समरसता, समानता और संत रविदास के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है।
सामाजिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से अहम अभियान
भाजपा का कहना है कि यह अभियान सामाजिक समरसता को मजबूत करने की पहल है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में इसे दलित समाज के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने और आगामी चुनावों से पहले सामाजिक संपर्क मजबूत करने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
किन राज्यों में है रविदास समाज का प्रभाव?
रविदास समाज का प्रभाव देश के कई राज्यों में महत्वपूर्ण माना जाता है।
- पंजाब में रविदासिया/आदधर्मी समुदाय का व्यापक प्रभाव है। राज्य की लगभग 32 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति की है और दोआबा क्षेत्र (जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर) में रविदासिया समाज कई सीटों पर निर्णायक भूमिका निभाता है। माना जाता है कि राज्य की करीब 20–25 विधानसभा सीटों पर इस समुदाय का प्रभाव जीत-हार तय कर सकता है।
- उत्तर प्रदेश में संत रविदास की जन्मस्थली वाराणसी होने के कारण पूर्वांचल में उनका विशेष प्रभाव है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश की करीब 60–80 विधानसभा सीटों पर रविदास समाज प्रभावशाली मतदाता समूह माना जाता है।
- दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के कई विधानसभा क्षेत्रों में भी रविदास समाज का उल्लेखनीय प्रभाव माना जाता है।
तरुण चुघ ने क्या कहा?
भाजपा सांसद तरुण चुघ ने अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी ने संत गुरु रविदास जी के 650वें जन्मोत्सव को ‘समरसता संकल्प अभियान’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय अभियान 29 जुलाई 2026 (गुरु पूर्णिमा) से शुरू होकर 20 फरवरी 2027 (संत रविदास जयंती) तक चलेगा। इस दौरान पूरे देश में संत रविदास के विचारों, सामाजिक समरसता और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।