नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता देव आनंद के बेटे, अभिनेता और फिल्म निर्देशक सुनील आनंद का निधन हो गया है। वह 70 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, लंदन के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनका निधन हो गया। उनके जाने की खबर से फिल्म जगत और देव आनंद के प्रशंसकों में शोक का माहौल है।
लंदन में चल रहा था इलाज
बताया जा रहा है कि सुनील आनंद पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण लंदन में उपचार करा रहे थे। मंगलवार को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका।
परिवार की ओर से उनकी भतीजी गीना नारंग ने निधन की पुष्टि करते हुए इस कठिन समय में परिवार की निजता का सम्मान करने की अपील की है।
‘आनंद और आनंद’ से किया था बॉलीवुड डेब्यू
30 जून 1956 को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में जन्मे सुनील आनंद ने अमेरिका की अमेरिकन यूनिवर्सिटी से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा।
उन्होंने वर्ष 1984 में अपने पिता देव आनंद के निर्देशन में बनी फिल्म ‘आनंद और आनंद’ से अभिनय करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह ‘कार चोर’ और ‘मैं तेरे लिए’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए। हालांकि उनका फिल्मी सफर अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सका, लेकिन उन्होंने अभिनय और निर्देशन दोनों क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने का प्रयास जारी रखा।
निर्देशन और निर्माण में भी आजमाया हाथ
साल 2001 में सुनील आनंद ने मार्शल आर्ट्स पर आधारित फिल्म ‘मास्टर’ का निर्देशन और निर्माण किया। इसके जरिए उन्होंने कैमरे के पीछे भी अपनी रचनात्मक पहचान बनाने की कोशिश की।
देव आनंद की विरासत को आगे बढ़ा रहे थे
2011 में देव आनंद के निधन के बाद सुनील आनंद ने पारिवारिक प्रोडक्शन हाउस ‘नवकेतन फिल्म्स’ की जिम्मेदारी संभाली। वह अपने पिता की सिनेमाई विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, वह देव आनंद के जीवन और योगदान पर आधारित एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजना पर भी काम कर रहे थे। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक और अहम नाम खो दिया है।