नई दिल्ली: देश के शीर्ष संवैधानिक पदों को निशाना बनाकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर की जा रही अपमानजनक और भ्रामक टिप्पणियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) को नोटिस जारी कर विवादित पोस्ट और वीडियो तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित अकाउंट संचालकों की पहचान से जुड़ी जानकारी भी मांगी गई है।
‘X’ से मांगी यूजर्स की पूरी जानकारी
दिल्ली पुलिस ने ‘X’ से उन अकाउंट धारकों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है, जिन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की है। पुलिस ने संबंधित यूजर्स का नाम, पता, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, साथ ही अकाउंट के लॉगिन और लॉगआउट से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जांच के मद्देनजर पुलिस ने भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 63(4) के तहत आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रमाणपत्र भी मांगा है, ताकि डिजिटल साक्ष्यों को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप सुरक्षित रखा जा सके।
शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
पुलिस की यह कार्रवाई उस शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित की जा रही है।
पहले भी जारी हो चुके हैं नोटिस
इससे पहले 27 जुलाई को भी दिल्ली पुलिस ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र भाषा और आपत्तिजनक सामग्री वाले वीडियो हटाने के निर्देश दिए थे। पुलिस के अनुसार, यह सामग्री 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन और ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई घटनाओं से जुड़ी बताई गई थी।
‘संसद चलो’ मार्च के बाद बढ़ी निगरानी
गौरतलब है कि NEET और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुई थीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हुए, जिनमें से कुछ को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
साइबर टीम की लगातार निगरानी
दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसकी Cyber & Social Media Monitoring Cell डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगातार नजर रखे हुए है। जैसे ही किसी कथित आपत्तिजनक या कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री की पहचान होती है, संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कानूनी नोटिस भेजकर उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। पुलिस के अनुसार, अब तक कई कथित भड़काऊ और अभद्र भाषा वाले वीडियो और पोस्ट प्लेटफॉर्म्स से हटवाए जा चुके हैं तथा मामले की जांच जारी है।