देशभर में शुक्रवार, 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर भारत 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लाखों लोगों और विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। आजादी के साथ हुए भारत-विभाजन ने करोड़ों लोगों को अपना घर, परिवार और आजीविका छोड़ने पर मजबूर कर दिया था।
पीएम मोदी ने विभाजन पीड़ितों को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर विभाजन की त्रासदी को याद करते हुए लिखा कि यह इतिहास का ऐसा दौर था जिसने अनगिनत जिंदगियों को तहस-नहस कर दिया। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने अपनों को खोया, अपना सबकुछ छोड़कर नई शुरुआत की और कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश के विकास में अमूल्य योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन लोगों का साहस और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। एक अन्य संदेश में प्रधानमंत्री ने विभाजन की विभीषिका झेलने वाले सभी देशवासियों को नमन करते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस यह दिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्प और मेहनत के दम पर नई पहचान बनाई जा सकती है। उन्होंने देशवासियों से आपसी सद्भाव, एकता और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।
2021 से मनाया जा रहा है ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में घोषणा की थी कि हर साल 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। इसका उद्देश्य विभाजन की पीड़ा को याद रखना, उस दौर में विस्थापित हुए लोगों के संघर्ष और बलिदान को सम्मान देना तथा नई पीढ़ी को इतिहास के उस दर्दनाक अध्याय से परिचित कराना है। सरकार का मानना है कि यह दिवस समाज में एकता, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के साथ-साथ देश को बांटने वाली ताकतों के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी देता है।