नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। राहुल गांधी के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने उन पर तीखा हमला बोला है और उनकी भाषा एवं राजनीतिक शैली पर सवाल उठाए हैं।
मावलंकर हॉल में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विदेश नीति केवल विदेशी नेताओं से गले मिलने तक सीमित नहीं हो सकती। इसी दौरान मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के साथ उनके हल्के-फुल्के संवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता की भाषा और आचरण गरिमापूर्ण होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी गंभीर राजनीतिक विमर्श के बजाय ऐसे बयान दे रहे हैं, जो केवल सोशल मीडिया पर चर्चा और मीम्स का विषय बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति का बचाव करते हुए बांसुरी स्वराज ने कहा कि उनके नेतृत्व में भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं और वैश्विक मंच पर देश की स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष के पास सकारात्मक एजेंडा नहीं बचा है और इसी कारण इस तरह की बयानबाजी की जा रही है।
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका व्यवहार विपक्ष के नेता के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणियों को गैर-जिम्मेदाराना बताया।
वायरल वीडियो में राहुल गांधी यह कहते हुए भी सुनाई देते हैं कि विपक्ष सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है और उसका असर सत्ता पक्ष पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संसद और राजनीतिक घटनाक्रमों से सरकार पर दबाव बढ़ा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई लोगों ने राहुल गांधी की टिप्पणी को अनुचित बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा करार दिया। खास तौर पर विदेशी नेताओं और कूटनीतिक संबंधों को लेकर की गई टिप्पणियों पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है।
राहुल गांधी के बयान और उस पर बीजेपी की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।